Rays of Belief का IPO दूसरे दिन तक **1.5 गुना** सब्सक्राइब हो चुका है। रिटेल निवेशकों की जबरदस्त दिलचस्पी के बीच **₹125 करोड़** का यह फ्रेश इश्यू अब 3 सितंबर को बंद होगा।
रिटेल निवेशकों में जबरदस्त उत्साह
न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर इंटरवेंशन सेक्टर की कंपनी 'Mom’s Belief' की पैरेंट फर्म, Rays of Belief के IPO को बाजार से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। 2 सितंबर, 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, इस इश्यू को कुल 1.5 गुना सब्सक्राइब किया गया है। इसमें सबसे ज्यादा जोश रिटेल निवेशकों की ओर से दिख रहा है, जिन्होंने अपने लिए आरक्षित कोटे से 8 गुना से ज्यादा बिड लगाई है।
फंड का इस्तेमाल और ग्रोथ प्लान
कंपनी ने इस IPO के लिए ₹227 से ₹239 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। यह पूरा का पूरा ₹125 करोड़ का इश्यू फ्रेश शेयर्स का है, जिसका मतलब है कि पैसा सीधे कंपनी की ग्रोथ में लगेगा। IPO के पहले कंपनी ने Viney Growth Fund और LRSD Securities जैसे बड़े निवेशकों से ₹50 करोड़ जुटाकर अपनी साख मजबूत की है।
मैनेजमेंट ने विस्तार के लिए बड़े टारगेट रखे हैं:
- ₹41.3 करोड़: नए सर्विस सेंटर और टेक्नोलॉजी अपग्रेड के लिए।
- ₹14.4 करोड़: भारतीय सेंटर्स के लीज पेमेंट के लिए।
- ₹10.1 करोड़: अमेरिकी सब्सिडियरी के जरिए इंटरनेशनल एक्सपेंशन के लिए।
- ₹10.2 करोड़: ब्रांड अवेयरनेस और मार्केटिंग के लिए।
जोखिम और चुनौतियां
निवेशकों को कंपनी की मौजूदा फाइनेंशियल स्थिति को भी गौर से देखना चाहिए। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो 'नेगेटिव' रहा है। हालांकि, आक्रामक ग्रोथ फेज़ में यह सामान्य माना जाता है, लेकिन कंपनी पर 2029 तक 319 नए सेंटर खोलने का दबाव है। अगर इन सेंटर्स को सेट करने या भरने में देरी होती है, तो इसका असर सीधे फाइनेंशियल परफॉरमेंस पर पड़ेगा।
ग्रे मार्केट का मूड
फिलहाल, बाजार में इस शेयर को लेकर ₹38 का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) चल रहा है, जो करीब 16% की लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है। हालांकि, याद रहे कि ग्रे मार्केट पूरी तरह अनरेगुलेटेड है। चूंकि इस सेक्टर में कोई डायरेक्ट लिस्टेड पियर नहीं है, इसलिए निवेशकों को कंपनी की लॉन्ग-टर्म एग्जीक्यूशन क्षमता पर भरोसा जताना होगा।
