IPO में आया ₹300 करोड़ का उछाल, NHAI की बड़ी चाल
Raajmarg InvIT (RIIT) द्वारा अपने IPO साइज़ में ₹5,700 करोड़ से ₹6,000 करोड़ तक की वृद्धि, केवल फंड जुटाने से कहीं ज़्यादा है। यह NHAI की एसेट मॉनेटाइजेशन (asset monetization) की रणनीति में तेज़ी और पब्लिक के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) मॉडल की मजबूती का बड़ा संकेत है। यह दिखाता है कि RIIT तेज़ी से काफी पूंजी जुटाने और उसे निवेश करने के लिए तैयार है, जो शायद शुरुआती अनुमानों से भी पहले हो।
कब और कैसे करें अप्लाई?
RIIT ने अपनी रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) में IPO खोलने की तारीख 11 मार्च और बंद होने की 13 मार्च तय की है, जबकि एंकर निवेशकों (anchor investors) के लिए बिडिंग 10 मार्च को होगी। इश्यू साइज का बढ़कर ₹6,000 करोड़ होना, उम्मीद से ज़्यादा डिमांड या एसेट्स से मिलने वाले रेवेन्यू (revenue) की क्षमता का नया आकलन दर्शाता है। NHAI, जो कि स्पॉन्सर (sponsor) है, इस पब्लिक InvIT स्ट्रक्चर के ज़रिए नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स में रिटेल (retail) और डोमेस्टिक (domestic) निवेशकों की भागीदारी बढ़ाना चाहता है।
इंफ्रा का बढ़ता बाज़ार और वैल्यूएशन
RIIT एक तेज़ी से बढ़ते भारतीय InvIT मार्केट में कदम रख रहा है, जिसके 2030 तक ₹21 लाख करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है, जिसमें सड़कें 55% से ज़्यादा का हिस्सा रखती हैं। यह ग्रोथ सरकारी पहलों, खासकर नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (NIP) के कारण हो रही है। तुलनात्मक रूप से, IRB InvIT Fund, जिसके पास टोल रोड एसेट्स हैं, 10 से 14.9 के P/E (Price-to-Earnings) रेश्यो पर ट्रेड कर रहा है, जिसका मार्केट कैप (market capitalization) करीब ₹4,982 करोड़ है। वहीं, पावर ट्रांसमिशन पर फोकस करने वाला India Grid Trust, 42.63 से 57.16 के P/E रेश्यो के साथ ₹18,921 करोड़ के आस-पास है। RIIT का शुरुआती पोर्टफोलियो पांच ऑपरेशनल टोल रोड एसेट्स का है, जो करीब 260 किलोमीटर में फैले हैं और जिनसे 7-9% पोस्ट-टैक्स रिटर्न (post-tax return) मिलने की उम्मीद है।
क्या हैं जोखिम?
NHAI का सपोर्ट RIIT के लिए बड़ी बात है, लेकिन कुछ जोखिम भी हैं। भविष्य के एसेट पाइपलाइन के लिए NHAI पर निर्भरता एक बड़ी चिंता हो सकती है। साथ ही, बढ़ती प्रतिस्पर्धा (competition) के बीच, RIIT को अपने एसेट्स को बेहतर ढंग से मैनेज करना होगा ताकि वह बाज़ार में अपनी जगह बना सके।