OYO की पेरेंट कंपनी Prism का ₹6,650 करोड़ का IPO रोडशो शुरू, कर्ज़ चुकाने पर फोकस

IPO
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
OYO की पेरेंट कंपनी Prism का ₹6,650 करोड़ का IPO रोडशो शुरू, कर्ज़ चुकाने पर फोकस

OYO की पेरेंट कंपनी Prism ने ₹6,650 करोड़ के IPO के लिए इन्वेस्टर्स रोडशो शुरू कर दिया है। कंपनी का मुख्य उद्देश्य इस फंड का इस्तेमाल कर्ज़ चुकाने के लिए करना है, न कि मौजूदा शेयरधारकों को एग्जिट देने के लिए। इन्वेस्टर्स कंपनी के पारंपरिक बजट ट्रैवल से हटकर प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी ब्रांड्स की ओर बढ़ते कदम का मूल्यांकन कर रहे हैं।

Detailed Coverage

IPO की डिटेल्स और कर्ज़ चुकाने की योजना

ग्लोबल हॉस्पिटैलिटी और ट्रैवल-टेक कंपनी Prism, जो OYO ब्रांड के लिए जानी जाती है, ने ₹6,650 करोड़ के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स को आकर्षित करने के लिए अपना रोडशो आधिकारिक तौर पर शुरू कर दिया है। फाउंडर रितेश अग्रवाल के नेतृत्व वाली यह कंपनी 30 जून, 2026 को सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के साथ अपडेटेड फाइलिंग के बाद पब्लिक लिस्टिंग की तैयारी कर रही है।

यह IPO पूरी तरह से फ्रेश इश्यू के रूप में स्ट्रक्चर्ड है, जिसका मतलब है कि इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) का कोई कंपोनेंट नहीं है, जहां मौजूदा इन्वेस्टर्स अपनी हिस्सेदारी बेचते हैं। इस ऑफर की एक खास बात यह है कि IPO से जुटाई गई रकम का लगभग ₹4,987.5 करोड़, यानी लगभग 75% हिस्सा मौजूदा कंपनी कर्ज़ को चुकाने या प्री-पे करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। कर्ज़ में कमी लाने पर यह फोकस कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत करने का लक्ष्य रखता है। इसके अलावा, कंपनी ₹1,330 करोड़ तक के प्री-IPO प्लेसमेंट पर भी विचार कर सकती है, जिससे पब्लिक इश्यू का अंतिम आकार एडजस्ट हो सकता है। फिलहाल, बाजार के प्रतिभागी Prism का वैल्यूएशन $7 बिलियन से $8 बिलियन के बीच कर रहे हैं।

प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी की ओर बड़ा कदम

सितंबर 2025 में, कंपनी ने अपने पेरेंट नाम को Prism में बदला ताकि अपने डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो को बेहतर ढंग से दर्शाया जा सके। इस अंब्रेला के तहत, कंपनी अब Motel 6, Studio 6, Belvilla, और DanCenter जैसे विभिन्न इंटरनेशनल ब्रांड्स का प्रबंधन करती है। यह बदलाव सिर्फ बजट-केंद्रित हॉस्पिटैलिटी मॉडल से हटकर एक स्ट्रेटेजिक प्रयास है। मिड-मार्केट और प्रीमियम सेगमेंट में प्रवेश करके, कंपनी ज्यादा खर्च करने वाले यात्रियों को आकर्षित करने की कोशिश कर रही है, हालांकि इसे एक कॉर्पोरेट पहचान के तहत विविध ग्लोबल ऑपरेशंस को मैनेज करने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस

फाइनेंशियल ईयर 2025 के नतीजों के अनुसार, कंपनी ने ₹6,325.9 करोड़ का रेवेन्यू जेनरेट किया, जो पिछले साल की तुलना में 14% का सुधार दर्शाता है। जहां कंपनी ने लगातार दो साल पॉजिटिव अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन (EBITDA) हासिल की है, वहीं प्रॉफिटेबिलिटी मेट्रिक्स पर दबाव भी देखा गया है। FY25 में, EBITDA ₹942.1 करोड़ रहा, जो FY24 के मुकाबले 26% की गिरावट को दर्शाता है। यह कमी मुख्य रूप से ग्रोथ इनिशिएटिव्स और इंटरनेशनल एक्सपेंशन पर बढ़े हुए खर्चों के कारण हुई है।

इन्वेस्टर्स के लिए, इस IPO की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी अपनी प्रीमियम एक्सपेंशन स्ट्रेटेजी से लॉन्ग-टर्म प्रॉफिटेबिलिटी कैसे बनाए रख सकती है। कर्ज़ में कमी एक पॉजिटिव कदम है, लेकिन कंपनी के लिए अपने विभिन्न ग्लोबल ब्रांड्स को मैनेज करने और बजट व प्रीमियम ट्रैवल सेगमेंट दोनों में कॉम्पिटिशन से निपटना महत्वपूर्ण होगा। आने वाले महीनों में, इश्यू की फाइनल प्राइसिंग, रोडशो के दौरान इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की प्रतिक्रिया, और कर्ज़ चुकाने के बाद इंटरेस्ट कॉस्ट में वास्तविक कमी पर नजर रखी जाएगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.