Priority Jewels के **₹91.5 करोड़** के IPO के लिए आज, 2 सितंबर को शेयरों का अलॉटमेंट फाइनल किया जाएगा। निवेशकों की भारी डिमांड के कारण यह इश्यू **100.45 गुना** सब्सक्राइब हुआ है और इसकी लिस्टिंग **4 सितंबर** को होगी।
निवेशक आज से ही रजिस्ट्रार 'MUFG Intime India' की वेबसाइट या BSE और NSE के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने अलॉटमेंट का स्टेटस देख सकते हैं। इस IPO को निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। आंकड़ों के अनुसार, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने 166.49 गुना और रिटेल निवेशकों ने 106.76 गुना बोलियां लगाई हैं। वहीं, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का कोटा 39.87 गुना भरा है। अत्यधिक ओवरसब्सक्रिप्शन के कारण अब निवेशकों को अलॉटमेंट मिलने की संभावना काफी कम हो गई है।\n\n### कंपनी का बिजनेस मॉडल और फाइनेंशियल सेहत\n\nPriority Jewels का बिजनेस बाकी ज्वैलरी ब्रांड्स से अलग है, क्योंकि यह मुख्य रूप से B2B सप्लायर के तौर पर काम करती है। यह कंपनी Kalyan Jewellers और Senco Gold जैसे बड़े रिटेलर्स को डायमंड, गोल्ड और प्लेटिनम ज्वैलरी सप्लाई करती है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी की टोटल इनकम ₹539.03 करोड़ रही, जो पिछले साल ₹435.87 करोड़ थी। कंपनी का नेट प्रॉफिट 68% बढ़कर ₹17.65 करोड़ पर पहुंच गया है। IPO से जुटाए गए ₹75 करोड़ का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल कर्ज को कम करने के लिए किया जाएगा, जो कंपनी के मार्जिन में सुधार ला सकता है।\n\n### लिस्टिंग और रिस्क फैक्टर\n\nस्टॉक की लिस्टिंग 4 सितंबर, 2026 को होनी है। ग्रे मार्केट के मौजूदा संकेतों के अनुसार, ₹200 के अपर प्राइस बैंड पर लगभग 15.5% का प्रीमियम देखने को मिल सकता है। हालांकि, निवेशकों को यह समझना चाहिए कि ग्रे मार्केट केवल एक अनौपचारिक और सट्टा आधारित प्लेटफॉर्म है, जो मार्केट की वास्तविक दिशा का गारंटी नहीं देता। लिस्टिंग वाले दिन की परफॉर्मेंस व्यापक बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगी। लिस्टिंग के बाद निवेशकों को कंपनी के कर्ज घटाने की रफ्तार और बड़े रिटेल पार्टनर्स से मिलने वाले ऑर्डर पर पैनी नजर रखनी होगी।
