सितंबर में रिकॉर्ड फंड जुटाने के बाद अब प्राइमरी मार्केट में सुस्ती देखी जा रही है। अगले हफ्ते सिर्फ R.K. Fashion Accessories का SME IPO खुलेगा, हालांकि 5 अक्टूबर से कई बड़ी कंपनियों की लिस्टिंग निवेशकों के लिए एक्शन से भरा रहने वाला है।
सितंबर के धमाकेदार महीने में करीब ₹39,000 करोड़ जुटाने के बाद, भारतीय प्राइमरी मार्केट अब कंसोलिडेशन के दौर में है। अब फोकस नए सब्सक्रिप्शन से हटकर उन कंपनियों पर शिफ्ट हो गया है जिन्होंने पिछले हफ्तों में अपने पब्लिक इश्यूज पूरे किए थे और अब वे स्टॉक एक्सचेंज पर दस्तक देने की तैयारी में हैं।
अगले हफ्ते का एकमात्र IPO
अगले हफ्ते केवल R.K. Fashion Accessories का SME IPO सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। यह इश्यू 5 अक्टूबर को ओपन होगा और 7 अक्टूबर को बंद हो जाएगा। कंपनी इस IPO के जरिए ₹34.99 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है, जिसके लिए प्राइस बैंड ₹77 से ₹82 प्रति शेयर तय किया गया है। यह लॉन्च पिछले महीने की आक्रामक तेजी के मुकाबले बाजार के ठंडे पड़ने के रुझान को दर्शाता है।
लिस्टिंग का बड़ा दौर
भले ही नए IPO कम हैं, लेकिन सेकेंडरी मार्केट में एक्शन की कमी नहीं रहेगी। 5 अक्टूबर से कई कंपनियां बाजार में ट्रेडिंग शुरू करने जा रही हैं। इसमें Orient Cables, Runwal Enterprises, AceVector और German Green Steel & Power जैसे नाम शामिल हैं। निवेशकों के लिए यह समय अपने कैपिटल को सावधानी से मैनेज करने का है क्योंकि बाजार में अचानक नए शेयर्स की सप्लाई बढ़ने वाली है।
निवेशकों का बदलता मूड
सितंबर के भारी-भरकम फंडरेजिंग ने पोर्टफोलियो पर दबाव डाला है, जिससे अब निवेशक अधिक सिलेक्टिव हो गए हैं। ग्रे मार्केट में भी इसका असर दिख रहा है, जहां प्रीमियम घटकर 10% से 20% के बीच रह गया है। यह साफ संकेत है कि इंस्टीट्यूशनल और रिटेल दोनों ही तरह के निवेशक अब वैल्युएशन को लेकर ज्यादा सतर्क हैं।
SME निवेश में सावधानी
विशेषज्ञों का मानना है कि SME शेयरों में जोखिम अधिक होता है क्योंकि इनमें लिक्विडिटी कम और वोलेटिलिटी ज्यादा रहती है। आने वाले दिनों में इन कंपनियों की लिस्टिंग पर सबकी नजरें टिकी होंगी, जो यह तय करेंगी कि प्राइमरी मार्केट का कूलिंग पीरियड और लंबा चलेगा या निवेशकों का उत्साह फिर से लौटेगा।
