Pride Hotels IPO: होटल सेक्टर में मचेगी हलचल, ₹1,000 करोड़ जुटाने की तैयारी

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AuthorMehul Desai|Published at:
Pride Hotels IPO: होटल सेक्टर में मचेगी हलचल, ₹1,000 करोड़ जुटाने की तैयारी

हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की बड़ी कंपनी Pride Hotels अपने बड़े विस्तार की योजना बना रही है। कंपनी का लक्ष्य साल 2030 तक 10,000 रूम्स का पोर्टफोलियो तैयार करना है और इसके लिए वह ₹1,000 करोड़ का IPO लाने की तैयारी में है।

आक्रामक विस्तार की तैयारी

Pride Hotels अपने पोर्टफोलियो को तेजी से बड़ा करने में जुटी है। वर्तमान में कंपनी के पास 40 प्रॉपर्टीज में लगभग 3,204 कमरे हैं, जिसे बढ़ाकर साल 2030 तक 10,000 रूम्स करने का लक्ष्य है। इस ग्रोथ को गति देने के लिए कंपनी अगले 3 सालों में ₹350 करोड़ से ₹400 करोड़ का निवेश करेगी।

हाइब्रिड बिजनेस मॉडल पर दांव

कंपनी ने अगले 12 से 24 महीनों में 4,140 नए कमरे जोड़ने की रणनीति बनाई है। इसके लिए कंपनी एक 'हाइब्रिड मॉडल' अपना रही है, जिसमें मैनेजमेंट कॉन्ट्रैक्ट्स, लीज और चुनिंदा अधिग्रहण शामिल हैं। फिलहाल कंपनी 1,200 कमरों की मालिक है, जबकि बाकी इन्वेंट्री मैनेजमेंट एग्रीमेंट्स के जरिए चल रही है। कंपनी के प्रमुख ब्रांड्स में Pride Plaza, Pride Premier, Pride Elite और Biznotel by Pride शामिल हैं।

IPO की पूरी संरचना

SEBI से मंजूरी मिलने के बाद, कंपनी ₹1,000 करोड़ के IPO की तैयारी में है। इसमें ₹260 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि प्रमोटर्स 3.92 करोड़ शेयरों की बिक्री (OFS) करेंगे। जुटाई गई राशि का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और मौजूदा संपत्तियों के नवीनीकरण (Renovation) में किया जाएगा।

निवेशकों के लिए जरूरी बातें

हालांकि ग्रोथ की संभावनाएं दिख रही हैं, लेकिन निवेशकों को कंपनी के एग्जीक्यूशन रिस्क पर नजर रखनी होगी। हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में ट्रैवल डिमांड और इकोनॉमिक साइकिल का सीधा असर मुनाफे पर पड़ता है। साथ ही, बढ़ती परिचालन लागत (Operational Costs) जैसे ऊर्जा और लेबर खर्च भी मार्जिन पर दबाव डाल सकते हैं। निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी अपने लोन रीपेमेंट और ऑक्यूपेंसी रेट्स को IPO के बाद कैसे मैनेज करती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.