केमिकल सेक्टर की कंपनी Prasol Chemicals अपना **₹500 करोड़** का IPO लेकर आ रही है। कंपनी ने इसके लिए **₹643-676** का प्राइस बैंड तय किया है। यह आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए **8 सितंबर, 2026** को खुलेगा और **10 सितंबर, 2026** तक खुला रहेगा।
महाराष्ट्र स्थित स्पेशलिटी केमिकल निर्माता Prasol Chemicals ने अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ के लिए प्राइस बैंड का ऐलान कर दिया है। ₹500 करोड़ के इस पब्लिक इश्यू की लिस्टिंग 16 सितंबर, 2026 को NSE और BSE पर होने की उम्मीद है।
आईपीओ की संरचना और कर्ज का गणित
कुल ₹500 करोड़ के इश्यू में ₹80 करोड़ के फ्रेश शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि ₹420 करोड़ ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत होंगे। कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए ₹60 करोड़ की राशि कर्ज चुकाने में इस्तेमाल की जाएगी। जुलाई 2026 के मध्य तक कंपनी पर कुल ₹343.7 करोड़ का कर्ज था, जिसे कम करके कंपनी ब्याज के खर्चों में बड़ी बचत करना चाहती है।
बिजनेस का दायरा
कंपनी के पास 150 से ज्यादा उत्पादों का पोर्टफोलियो है, जो मुख्य रूप से एसीटोन और फास्फोरस-आधारित केमिकल्स पर केंद्रित है। इनके ग्राहक फार्मा, एग्रोकेमिकल्स और इंडस्ट्रियल कोटिंग जैसे सेक्टर्स से आते हैं। मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में कंपनी ने ₹1,232.5 करोड़ का रेवेन्यू और ₹83.1 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। मार्केट में इसका मुकाबला Aarti Industries, Vinati Organics और Laxmi Organic जैसी दिग्गज कंपनियों से है।
रिस्क फैक्टर और निवेशकों के लिए संकेत
निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि कंपनी का राजस्व अपने शीर्ष 10 ग्राहकों पर काफी निर्भर है। क्लाइंट एकाग्रता (customer concentration) का जोखिम कंपनी के मुनाफे पर असर डाल सकता है। साथ ही, केमिकल इंडस्ट्री ग्लोबल कमोडिटी कीमतों के उतार-चढ़ाव और मैन्युफैक्चरिंग डिसरप्शन के प्रति काफी संवेदनशील होती है। आने वाले समय में कंपनी कर्ज कम करके अपने क्लाइंट बेस को कितनी जल्दी डायवर्सिफाई कर पाती है, यह देखना अहम होगा।
