Prasol Chemicals IPO: सब्सक्रिप्शन के लिए खुला इश्यू, क्या निवेश करना है सही फैसला?

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Prasol Chemicals IPO: सब्सक्रिप्शन के लिए खुला इश्यू, क्या निवेश करना है सही फैसला?

Prasol Chemicals का **₹500 करोड़** का IPO आज सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। निवेशक **8 सितंबर से 10 सितंबर 2026** तक इसमें दांव लगा सकते हैं, जिसका प्राइस बैंड **₹643 से ₹676** तय किया गया है।

IPO की प्रमुख डिटेल्स

Prasol Chemicals ने बाजार से ₹500 करोड़ जुटाने के लिए अपना IPO पेश किया है। कंपनी एसीटोन और फॉस्फोरस-आधारित डेरिवेटिव्स बनाने के कारोबार में है और यह इश्यू 10 सितंबर 2026 तक खुला रहेगा। कंपनी के शेयर 16 सितंबर 2026 को BSE और NSE पर लिस्ट हो सकते हैं।

फाइनेंशियल हेल्थ और ग्रोथ

कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹1,237.85 करोड़ का रेवेन्यू और ₹83.12 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। पिछले दो सालों (FY24 से FY26) के दौरान कंपनी ने 18.6% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) हासिल की है। एंकर निवेशकों ने भी इश्यू खुलने से पहले ही ₹150 करोड़ के शेयर खरीदे हैं।

बड़ी चिंता: OFS का हिस्सा

निवेशकों को इस IPO के स्ट्रक्चर को समझना होगा। कुल ₹500 करोड़ में से सिर्फ ₹80 करोड़ का ही 'फ्रेश इश्यू' है, जिसका इस्तेमाल कर्ज चुकाने में होगा। बाकी ₹420 करोड़ 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) है, जिसका मतलब है कि पैसा प्रमोटर्स और मौजूदा शेयरधारकों की जेब में जाएगा।

रिस्क फैक्टर्स और वैल्युएशन

कंपनी के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। महाड प्लांट में पहले गैस रिसाव की घटनाएं हो चुकी हैं और यह फैसिलिटी अभी तक EBITDA पॉजिटिव नहीं हुई है। इसके अलावा, कंपनी अपनी 66% कच्ची सामग्री के लिए इंपोर्ट पर निर्भर है, जो इसे करेंसी फ्लक्चुएशन के प्रति संवेदनशील बनाता है। वैल्युएशन की बात करें, तो 29.3x का EV/EBITDA मल्टीपल इंडस्ट्री के साथियों (जैसे Excel Industries, जो 14x-17x पर ट्रेड करते हैं) के मुकाबले काफी प्रीमियम है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.