Prasol Chemicals IPO: दूसरे दिन भी निवेशकों का मिला-जुला रुझान, 56% भरा इश्यू

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Prasol Chemicals IPO: दूसरे दिन भी निवेशकों का मिला-जुला रुझान, 56% भरा इश्यू

Prasol Chemicals का **₹500 करोड़** का IPO दूसरे दिन दोपहर तक **56%** सब्सक्राइब हो चुका है। यह इश्यू **10 सितंबर, 2026** तक खुला रहेगा और कंपनी जुटाई गई रकम का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में खर्च करेगी।

आईपीओ की बारीकियां और प्राइस बैंड

Prasol Chemicals के इस पब्लिक इश्यू का प्राइस बैंड ₹643–676 प्रति शेयर तय किया गया है। अगर आप रिटेल निवेशक हैं, तो आपको कम से कम 22 शेयरों के लॉट के लिए आवेदन करना होगा, जिसके लिए ऊपरी प्राइस बैंड पर ₹14,872 का निवेश करना जरूरी है। कुल ₹500 करोड़ के इस आईपीओ में ₹80 करोड़ के फ्रेश शेयर जारी किए जा रहे हैं, जबकि ₹420 करोड़ का हिस्सा ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए आएगा, जिसका पैसा मौजूदा शेयरधारकों को जाएगा।

फाइनेंशियल हेल्थ और कर्ज कम करने की योजना

स्पेशियलिटी केमिकल्स बनाने वाली इस कंपनी का फाइनेंशियल ईयर 2026 में टोटल इनकम करीब ₹1,237 करोड़ रहा है, जबकि कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹83.12 करोड़ दर्ज किया गया। मैनेजमेंट का फोकस कर्ज कम करने पर है; कंपनी फ्रेश इश्यू से मिली राशि में से ₹60 करोड़ का उपयोग अपने मौजूदा कर्ज को चुकाने में करेगी। इससे भविष्य में कंपनी के ब्याज खर्च में कमी आ सकती है।

रिस्क फैक्टर और मार्केट सेंटीमेंट

निवेशकों को यह ध्यान में रखना चाहिए कि स्पेशियलिटी केमिकल सेक्टर कच्चे माल की कीमतों (जैसे एसीटोन और फास्फोरस) में बदलाव के प्रति काफी संवेदनशील होता है। लागत बढ़ने पर मार्जिन पर दबाव आ सकता है। इसके अलावा, कंपनी का काम वर्किंग कैपिटल के लिहाज से काफी महंगा है। अगर ग्रे मार्केट की बात करें, तो वहां प्रीमियम में सुस्ती देखी जा रही है, जो महज 2–4% के आसपास है। शेयर्स का अलॉटमेंट 11 सितंबर, 2026 को फाइनल होगा और 16 सितंबर, 2026 तक कंपनी स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हो सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.