Pranav Constructions का **₹351 करोड़** का IPO जबरदस्त रिस्पॉन्स के साथ बंद हुआ है। इस इश्यू को कुल **112.62 गुना** सब्सक्रिप्शन मिला है। अब निवेशकों की नजरें **15 सितंबर** को होने वाली लिस्टिंग पर टिकी हैं।
निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स
Pranav Constructions का ₹351.03 करोड़ का पब्लिक इश्यू 9 सितंबर, 2026 को बंद हो गया। इस IPO को निवेशकों का भारी समर्थन मिला और कुल सब्सक्रिप्शन 112.62 गुना रहा। कंपनी ने इसके लिए प्राइस बैंड ₹118 से ₹124 प्रति शेयर तय किया था।
अगर कैटेगरी-वाइज बात करें, तो क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) का हिस्सा 234.87 गुना भरा है, जबकि नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) ने 202.65 गुना बोलियां लगाई हैं। वहीं, रिटेल निवेशकों का कोटा 39.47 गुना सब्सक्राइब हुआ है। शेयर अलॉटमेंट की प्रक्रिया 10 सितंबर से शुरू होगी और स्टॉक की लिस्टिंग NSE और BSE पर 15 सितंबर, 2026 को संभावित है।
कंपनी का बिजनेस मॉडल
Pranav Constructions मुख्य रूप से मुंबई महानगर पालिका (MCGM) क्षेत्र में रेजिडेंशियल रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। IPO से जुटाई गई राशि में से ₹316 करोड़ का फ्रेश इश्यू फंड कंपनी अपने प्रोजेक्ट्स के विकास में लगाएगी। वहीं, ₹35 करोड़ का हिस्सा ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए प्रमोटर्स द्वारा बेचा गया है।
रिस्क और चुनौतियां
निवेशकों को कंपनी के 'जियोग्राफिक कंसंट्रेशन रिस्क' पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि कंपनी का काम मुख्य रूप से मुंबई के वेस्टर्न सबर्ब्स तक ही सीमित है। इसके अलावा, रियल एस्टेट सेक्टर की साइक्लिकल प्रकृति और सरकारी अप्रूवल में देरी जैसी चुनौतियां भी कंपनी के काम पर असर डाल सकती हैं। फाइनेंशियल फ्रंट पर कंपनी का EBITDA मार्जिन 17.2% है, जो बड़े प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले थोड़ा कम है। अब देखना यह होगा कि लिस्टिंग के बाद यह स्टॉक बाजार में कैसी चाल दिखाता है।
