लिस्टिंग पर गिरी Powerica, मार्केट का दबाव हावी
2 अप्रैल 2026 को Powerica के IPO शेयर बाजार में उतरे, लेकिन यह लिस्टिंग निवेशकों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरी। कंपनी के शेयर इश्यू प्राइस ₹395 से नीचे खुले। NSE पर स्टॉक ₹366 पर लिस्ट हुआ, जो कि इश्यू प्राइस से 7.34% की गिरावट दर्शाता है। वहीं, BSE पर भी शेयर ₹375 पर खुला, जो 5.06% नीचे था। यह ग्रे मार्केट की उम्मीदों से भी काफी कम था, जहाँ ₹402-₹405 के आसपास लिस्टिंग की संभावना जताई जा रही थी।
इस IPO को कुल 1.45 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) की ओर से 4.50 गुना की अच्छी मांग देखी गई, लेकिन नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) और रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स (RIIs) ने सिर्फ 0.44 और 0.15 गुना सब्सक्रिप्शन दिया। यह कमजोर शुरुआत ऐसे समय हुई जब बड़े शेयर बाजार (Sensex और Nifty) भी लगभग 2% की गिरावट के साथ दबाव में थे।
सेक्टर की मजबूती पर वैल्यूएशन और ऑपरेशनल चिंताएं
भले ही Powerica की लिस्टिंग डिस्काउंट पर हुई हो, लेकिन यह पावर सॉल्यूशंस (Power Solutions) जैसे तेजी से बढ़ते सेक्टर में है। भारत का पावर सेक्टर (Power Sector) नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) की ओर बढ़ रहा है, और देश का लक्ष्य 2030 तक 500 GW नॉन-फॉसिल फ्यूल क्षमता हासिल करना है। Powerica, जो डीजल जनरेटर (DG) सेट बनाती है और विंड पावर (Wind Power) में भी सक्रिय है, इस बढ़ती मांग से लाभ उठा सकती है।
हालांकि, कंपनी के वैल्यूएशन (Valuation) पर सवाल उठ रहे थे। IPO के बाद कंपनी का P/E रेश्यो करीब 24.45 था (अनुमानित 28x FY25 और 18.6x FY26 के लिए)। इसकी तुलना में, Cummins India का P/E 52 और Kirloskar Oil Engines का 34 था। वहीं, Central Mine Pla 18.41 के P/E पर ट्रेड कर रहा था। लिस्टिंग के बाद Powerica का मार्केट कैप (Market Cap) ₹4,745.70 करोड़ रहा, जो IPO के ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से अनुमानित ₹4,998.6 करोड़ से कम था।
ऑपरेशनल दिक्कतें और सख्त बाजार?
निवेशकों की सतर्कता के पीछे कई कारण थे। कंपनी के मार्जिन्स (Margins) और रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) में गिरावट देखी गई, ROE FY24 के 26.5% से घटकर FY25 में 17.5% रह गया। इंजन के लिए Cummins पर भारी निर्भरता एक बड़ी कमजोरी मानी जा रही है।
इसके अतिरिक्त, 2025 में IPO मार्केट (IPO Market) भी मुश्किल दौर से गुजर रहा था। मार्च 2026 तक, 66% नए लिस्टिंग अपने इश्यू प्राइस से नीचे ट्रेड कर रहे थे, जिसमें औसत नुकसान 17.71% था। SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) ने ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर भरोसा न करने की भी चेतावनी दी थी। Swastika Investmart जैसे ब्रोकरेज ने महंगे वैल्यूएशन के कारण 'Avoid' रेटिंग दी थी। कंपनी पर फरवरी 2026 तक ₹1214.25 करोड़ का भारी कर्ज़ (Debt) भी एक चिंता का विषय था।
आगे क्या?
Powerica का भविष्य कंपनी की प्रतिस्पर्धा (Competition) से निपटने की क्षमता और विंड एनर्जी (Wind Energy) जैसे क्षेत्रों में ग्रोथ बढ़ाने पर निर्भर करेगा। पावर सेक्टर के सकारात्मक ट्रेंड्स, जैसे बढ़ती मांग और रिन्यूएबल एनर्जी की ओर झुकाव, कंपनी के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। हालांकि, निवेशक लाभप्रदता (Profitability) में सुधार और कर्ज़ प्रबंधन (Debt Management) पर बारीकी से नजर रखेंगे। एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई है, जो स्टॉक के भविष्य के प्रदर्शन को और भी अनिश्चित बनाते हैं।