Poojaa Precision IPO: निवेशकों की बंपर कमाई! ₹30,000 करोड़ के पार पहुंची बिड्स, 259 गुना हुआ सब्सक्राइब

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Poojaa Precision IPO: निवेशकों की बंपर कमाई! ₹30,000 करोड़ के पार पहुंची बिड्स, 259 गुना हुआ सब्सक्राइब

Poojaa Precision Engineering के ₹160 करोड़ के SME IPO में निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया है। कुल ₹30,000 करोड़ की बोलियां आईं, जिसने इसे इस साल का सबसे ज्यादा सब्सक्राइब होने वाला SME IPO बना दिया है। कंपनी इस फंड का इस्तेमाल अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने के लिए करेगी, खासकर ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर के लिए।

Poojaa Precision Engineering ने BSE SME प्लेटफॉर्म पर अपना ₹160 करोड़ का SME इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) बड़े निवेशक इंटरेस्ट के साथ बंद किया है। यह इश्यू 259.42 गुना सब्सक्राइब हुआ, जिसमें कुल बोलियां लगभग ₹30,000 करोड़ तक पहुंच गईं। मांग का यह स्तर इसे 2026 का अब तक का सबसे ज्यादा सब्सक्राइब होने वाला SME पब्लिक इश्यू बनाता है, जो स्पेशलाइज्ड इंजीनियरिंग मैन्युफैक्चरिंग स्पेस में मजबूत इंटरेस्ट को दर्शाता है।

कंपनी ने ₹285 से ₹301 के प्राइस बैंड में शेयर ऑफर किए थे। 38.10 लाख शेयरों के ऑफर साइज के मुकाबले, निवेशकों ने 98.85 करोड़ शेयरों के लिए अप्लाई किया। इस भारी ओवरसब्सक्रिप्शन से साफ इंटरेस्ट दिखता है, हालांकि यह एक्सचेंज पर लिस्ट होने के बाद कंपनी के परफॉरमेंस के लिए उच्च उम्मीदें भी तय करता है।

कैपेसिटी विस्तार की स्ट्रेटेजी

Poojaa Precision जुटाई गई पूंजी का इस्तेमाल अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने के लिए करेगी। विस्तार की स्ट्रेटेजी में तीसरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में मेल्टिंग कैपेसिटी को 15,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MTPA) और कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग और फिनिशिंग के लिए 6,600 MTPA बढ़ाना शामिल है। इस ग्रोथ प्लान का एक अहम हिस्सा चौथी यूनिट की स्थापना है, जो मैग्नीशियम-आधारित प्रिसिजन कंपोनेंट्स पर फोकस करेगी। इस बदलाव का लक्ष्य ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडस्ट्रीज की बदलती जरूरतों को पूरा करना है, जहां हल्के और ज्यादा ड्यूरेबल कंपोनेंट्स की भारी मांग है।

फाइनेंशियल स्थिति और जोखिम

फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए, कंपनी ने ₹293.86 करोड़ का रेवेन्यू और ₹30.90 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स दर्ज किया। मजबूत सब्सक्रिप्शन नंबर निवेशक के ऑप्टिमिज्म को दर्शाते हैं, लेकिन शेयरधारकों के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि SME IPOs में मेनबोर्ड लिस्टिंग की तुलना में कम लिक्विडिटी के कारण अस्थिरता हो सकती है। इसके अलावा, ग्रे मार्केट प्रीमियम (Grey Market Premium) लगभग 75 प्रतिशत के संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा था, हालांकि यह आंकड़ा बोली के अंतिम दिन 90 प्रतिशत के शुरुआती अनुमानों से कम हो गया था। ग्रे मार्केट डेटा अनऑफिशियल है और वास्तविक लिस्टिंग परफॉर्मेंस की गारंटी के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।

निवेशकों को कंपनी की क्षमता को नियोजित समय-सीमा के भीतर लागू करने की क्षमता पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स की स्थापना में कोई भी देरी या ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर से मांग में मंदी कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाल सकती है। जैसे-जैसे कंपनी उच्च-मूल्य वाले मैग्नीशियम कंपोनेंट्स की ओर बढ़ेगी, उत्पादन लागत का प्रबंधन करने और प्रमुख ऑटोमोटिव क्लाइंट्स के साथ मजबूत संबंध बनाए रखने की उसकी क्षमता निरंतर ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण होगी।

कंपनी के लिए अगला माइलस्टोन शेयर अलॉटमेंट को अंतिम रूप देना होगा, जिसके बाद BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्टिंग होगी। निवेशकों को अलॉटमेंट की स्थिति और औपचारिक लिस्टिंग तिथि के लिए आधिकारिक एक्सचेंज कम्युनिकेशन पर नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.