Paras Healthcare ने अपना ₹1,450 करोड़ का IPO लॉन्च कर दिया है। कंपनी इस फंड का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और अस्पतालों के विस्तार के लिए करेगी। हालांकि मुनाफे में वापसी के बावजूद सरकारी स्कीमों से पेमेंट में देरी और कड़ा कॉम्पिटिशन निवेशकों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
IPO की डिटेल्स
Paras Healthcare का यह IPO ₹660 से ₹693 प्रति शेयर के प्राइस बैंड पर आया है। इसमें ₹500 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि ₹950 करोड़ का हिस्सा ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत होगा। कंपनी जुटी हुई रकम में से ₹375 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज कम करने में करेगी, जिससे बैलेंस शीट मजबूत होने की उम्मीद है।
फाइनेंशियल और ऑपरेशनल चुनौतियां
कंपनी ने FY26 में ₹44 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो घाटे के दौर से बाहर निकलने का संकेत है। हालांकि, गौर करने वाली बात यह है कि प्रॉफिट मार्जिन में हालिया उछाल के पीछे 'डेफर्ड टैक्स क्रेडिट' (deferred tax credits) का बड़ा हाथ है। निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी कोर ऑपरेशंस से यह मुनाफा बरकरार रख पाती है या नहीं।
वहीं दूसरी तरफ, ऑपरेशनल फ्रंट पर FY27 की पहली तिमाही में ऑक्यूपेंसी रेट बढ़कर 69.7% रही, लेकिन 'रिसीवेबल डेज़' बढ़कर 76.3 दिन हो गए हैं। इसका मतलब है कि सरकारी योजनाओं से पेमेंट मिलने में लंबा समय लग रहा है, जो कैश फ्लो पर दबाव डाल सकता है।
विस्तार और कॉम्पिटिशन
कंपनी मार्च 2028 तक गुरुग्राम और लुधियाना में 800 बेड जोड़ने की योजना बना रही है। इस सेक्टर में Max Healthcare, Fortis Healthcare और Apollo Hospitals जैसे बड़े नाम पहले से मौजूद हैं। 25.7 गुना के EV/EBITDA वैल्यूएशन पर यह IPO सेक्टर के हिसाब से फुल-प्राइस्ड माना जा रहा है। अब कंपनी के लिए सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह पेमेंट साइकिल और नई कैपेसिटी को कितनी कुशलता से मैनेज करती है।
