Paluck Technologies का **₹33 करोड़** का IPO निवेशकों के जबरदस्त रिस्पॉन्स के साथ बंद हो गया है। रिटेल सेगमेंट में इसे **372 गुना** सब्सक्राइब किया गया है। अब कंपनी **4 सितंबर** को BSE SME एक्सचेंज पर दस्तक देने के लिए तैयार है।
भारी मांग के बाद क्लोज हुआ इश्यू
गुरुग्राम स्थित इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट और इक्विपमेंट लीजिंग कंपनी Paluck Technologies ने अपना तीन दिवसीय IPO सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। कंपनी ने ₹33 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा था और निवेशकों ने इसमें अभूतपूर्व रुचि दिखाई है।
फंड का इस्तेमाल कैसे होगा?
कंपनी जुटाई गई राशि का उपयोग अपने एसेट बेस को मजबूत करने में करेगी। इसमें से लगभग ₹10 करोड़ का निवेश रेडी-मिक्स कंक्रीट मशीनरी और डीजल जनरेटर सेट खरीदने में किया जाएगा। इसके अलावा, ₹3.1 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज कम करने के लिए किया जाएगा, जिससे कंपनी का ब्याज बोझ घटेगा। बाकी बची रकम वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करेगी।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
फरवरी 2026 तक के 11 महीनों में कंपनी का रेवेन्यू ₹105.09 करोड़ और प्रॉफिट ₹13.84 करोड़ रहा है। कंपनी का इंटरेस्ट कवरेज रेशियो 10.15x है, जो यह दर्शाता है कि कंपनी अपने कर्ज चुकाने में सक्षम है।
निवेशक इन रिस्क फैक्टर्स को न भूलें
- क्लाइंट कंसंट्रेशन: कंपनी की कुल बिक्री का लगभग 44.73% हिस्सा केवल टॉप 10 ग्राहकों से आता है। ऐसे में किसी बड़े क्लाइंट का साथ छूटना कंपनी के मुनाफे पर असर डाल सकता है।
- गवर्नेंस: कंपनी ने अतीत में वैधानिक फाइलिंग में नियमों के पालन से जुड़ी कुछ खामियां दिखाई हैं, जिस पर निवेशकों को नजर रखने की जरूरत है।
- SME लिक्विडिटी: BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होने के कारण इस स्टॉक में लिक्विडिटी कम हो सकती है और वोलेटिलिटी अधिक रहने की संभावना है।
कंपनी की परफॉर्मेंस इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन सेक्टर के उतार-चढ़ाव पर काफी हद तक निर्भर करती है। अब सबकी नजरें 4 सितंबर 2026 की लिस्टिंग और ग्रे मार्केट के संकेतों पर टिकी हैं।
