हॉस्पिटैलिटी दिग्गज PRISM ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **50%** उछलकर **₹9,358 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसके बाद अब कंपनी **₹6,650 करोड़** के फ्रेश इश्यू IPO के साथ बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है।
ओयो (OYO) की पैरेंट कंपनी PRISM ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए अपनी वित्तीय स्थिति का खुलासा कर दिया है। कंपनी का रेवेन्यू 50% की जोरदार बढ़त के साथ ₹9,358 करोड़ दर्ज किया गया है। इसके अलावा, ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी EBITDA दुगुनी होकर ₹2,594 करोड़ पर पहुंच गया है।
इस ग्रोथ के पीछे मुख्य हाथ G6 Hospitality के अधिग्रहण का है। कंपनी का ग्रॉस बुकिंग वैल्यू (GBV) 88.5% की तेजी के साथ ₹30,683 करोड़ रहा, जिसमें अकेले G6 Hospitality का योगदान ₹14,000 करोड़ से ज्यादा रहा है।
IPO की रणनीति और कर्ज का बोझ
PRISM अपने पब्लिक इश्यू के जरिए ₹6,650 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। सबसे अहम बात यह है कि यह पूरा का पूरा 'फ्रेश इश्यू' होगा, यानी कोई ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं है। कंपनी का मुख्य फोकस कर्ज घटाने पर है। IPO से मिलने वाली रकम का करीब 75% यानी ₹4,987.5 करोड़ कर्ज चुकाने में खर्च किया जाएगा। गौरतलब है कि पिछले साल कंपनी ने ₹1,414 करोड़ केवल ब्याज चुकाने में खर्च किए थे।
मुनाफे के पीछे का गणित और जोखिम
कंपनी ने ₹994 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, लेकिन निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि इसमें ₹678 करोड़ का डेफर्ड टैक्स क्रेडिट शामिल है। इसका मतलब है कि असल ऑपरेटिंग मुनाफा इस आंकड़े से काफी कम है।
कंपनी का 80% से ज्यादा रेवेन्यू अंतरराष्ट्रीय बाजारों से आता है। ऐसे में ग्लोबल इकोनॉमी में बदलाव और विदेशी टूरिज्म की स्थिति सीधे कंपनी के बिजनेस पर असर डाल सकती है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि क्या कंपनी बिना वन-टाइम टैक्स लाभ के भी ऐसी ही रफ्तार बनाए रख पाएगी।
