स्मार्ट रिंग बनाने वाली कंपनी Oura ने अपने IPO के लिए फाइलिंग कर दी है, जिसमें कंपनी **$14.1 बिलियन** (लगभग **₹1.18 लाख करोड़**) की वैल्यूएशन टारगेट कर रही है। यह IPO मुख्य रूप से Forerunner Ventures जैसे पुराने निवेशकों के लिए एग्जिट का रास्ता है।
स्मार्ट रिंग्स की दुनिया में अपनी पहचान बना चुकी कंपनी Oura अब पब्लिक मार्केट में कदम रखने जा रही है। कंपनी $14.1 बिलियन तक की वैल्यूएशन हासिल करना चाहती है, जो कि अक्टूबर 2025 में Fidelity के नेतृत्व वाली फंडिंग राउंड में रही $11 बिलियन की वैल्यूएशन से काफी ज्यादा है।
निवेशकों के लिए एग्जिट का मौका
आमतौर पर कंपनियां IPO का इस्तेमाल बिजनेस बढ़ाने के लिए करती हैं, लेकिन Oura की योजना अलग है। यह डील मुख्य रूप से शुरुआती निवेशकों को लिक्विडिटी देने के लिए लाई जा रही है। कंपनी और उसके बैकर्स 50 मिलियन शेयर बेचने की तैयारी में हैं, जिनकी कीमत $40 से $44 प्रति शेयर के बीच तय की गई है। इसमें सबसे बड़ा नाम Forerunner Ventures का है, जो अपनी पूरी 9.3% हिस्सेदारी (लगभग 28.7 मिलियन शेयर) बेचकर बाहर निकलने की तैयारी में है। इस बिक्री से पुराने निवेशकों को करीब $1.53 बिलियन मिलने का अनुमान है।
सब्सक्रिप्शन मॉडल पर दांव
Oura का बिजनेस दो हिस्सों में बंटा है—हार्डवेयर सेल्स और सब्सक्रिप्शन सर्विस। हार्डवेयर रेवेन्यू का बड़ा जरिया है, जिससे कंपनी को $974 मिलियन की कमाई हुई। हालांकि, असली ग्रोथ सब्सक्रिप्शन बिजनेस में दिख रही है, जिसका रेवेन्यू दोगुना होकर $240.5 मिलियन हो गया है। इस सेगमेंट का ग्रॉस मार्जिन 89% है और कंपनी को उम्मीद है कि साल के अंत तक उसके पास 5.7 मिलियन पेइंग सब्सक्राइबर्स होंगे।
फंड का उपयोग
कंपनी को इस IPO से लगभग $532.6 मिलियन की शुद्ध कमाई होने की उम्मीद है। हैरानी की बात यह है कि इस रकम का इस्तेमाल बिजनेस विस्तार या नई परियोजनाओं में नहीं होगा। फाइलिंग के अनुसार, इसमें से $526.4 मिलियन का उपयोग IPO पूरा होने पर कर्मचारियों के स्टॉक ग्रांट्स से जुड़ी टैक्स देनदारियों को चुकाने के लिए किया जाएगा। इससे कंपनी को अपनी नकदी (जो जून 2026 तक $372 मिलियन थी) को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
