ऑर्क्ला इंडिया ने MTR फूड्स पेरेंट के लिए IPO प्राइस बैंड ₹695-730 तय किया; 29 अक्टूबर 2025 से खुलेगा

IPO
Whalesbook Logo
AuthorWhalesbook News Team|Published at:
ऑर्क्ला इंडिया ने MTR फूड्स पेरेंट के लिए IPO प्राइस बैंड ₹695-730 तय किया; 29 अक्टूबर 2025 से खुलेगा
Overview

ऑर्क्ला इंडिया, जो पैक्ड फूड्स निर्माता MTR फूड्स की पेरेंट कंपनी है, ने ₹695 से ₹730 प्रति इक्विटी शेयर के बीच अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) का प्राइस बैंड घोषित किया है। यह IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है, जिसका मूल्य लगभग ₹1,667.54 करोड़ है। सब्सक्रिप्शन 29 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2025 तक खुला रहेगा, और शेयर 6 नवंबर, 2025 को NSE और BSE पर लिस्ट होने की उम्मीद है।

ऑर्क्ला इंडिया, जो MTR फूड्स, ईस्टरन कंडिमेंट्स और रसोइ मैजिक जैसे लोकप्रिय भारतीय खाद्य ब्रांडों की होल्डिंग कंपनी है, ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की घोषणा की है। कंपनी ने अपने शेयरों के लिए ₹695 से ₹730 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। पूरा IPO ऑफर फॉर सेल (OFS) के रूप में संरचित है, जिसका अर्थ है कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे, जिससे लगभग ₹1,667.54 करोड़ जुटेंगे। ऑर्क्ला एशिया पैसिफिक को प्रमोटर सेलिंग शेयरधारक के रूप में पहचाना गया है।

IPO सब्सक्रिप्शन अवधि बुधवार, 29 अक्टूबर, 2025 से शुक्रवार, 31 अक्टूबर, 2025 तक चलेगी। एंकर निवेशक आवंटन एक दिन पहले, 28 अक्टूबर, 2025 को होगा। शेयरों की लिस्टिंग गुरुवार, 6 नवंबर, 2025 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर अपेक्षित है।

एक रिटेल निवेशक को अपर प्राइस बैंड पर 20 शेयरों के एक लॉट के लिए आवेदन करने हेतु न्यूनतम ₹14,600 का निवेश करना होगा।

वित्तीय रूप से, ऑर्क्ला इंडिया ने 31 मार्च, 2025 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए ₹2,394.7 करोड़ का राजस्व दर्ज किया। इसी अवधि में इसका एडजस्टेड EBITDA 15.4% बढ़कर ₹355.05 करोड़ हो गया, और इसका प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 13% बढ़कर ₹255.69 करोड़ हो गया।

प्रभाव:
यह IPO भारतीय निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण निवेश अवसर प्रस्तुत करता है जो कंज्यूमर पैक्ड फूड्स क्षेत्र में एक स्थापित और बढ़ते खिलाड़ी में भाग लेना चाहते हैं। इस IPO की सफलता कंज्यूमर स्पेस में कंपनियों की आगे की लिस्टिंग को प्रोत्साहित कर सकती है और व्यापक IPO मार्केट सेंटिमेंट को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है।
रेटिंग: 7/10।

परिभाषाएँ:
IPO (इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग): वह प्रक्रिया जिसके माध्यम से एक निजी कंपनी पहली बार जनता को अपने शेयर पेश करती है।
ऑफर फॉर सेल (OFS): एक विधि जिसमें मौजूदा शेयरधारक कंपनी द्वारा नए शेयर जारी करने के बजाय नए निवेशकों को अपने शेयर बेचते हैं।
रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP): नियामक के पास दायर एक प्रारंभिक दस्तावेज जिसमें किसी कंपनी के IPO के बारे में विस्तृत जानकारी होती है, लेकिन इसमें परिवर्तन हो सकते हैं।
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs): बड़े संस्थागत निवेशक जैसे म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियाँ और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक।
रिटेल इन्वेस्टर्स: व्यक्तिगत निवेशक जो ₹2 लाख से कम मूल्य के शेयरों के लिए आवेदन करते हैं।
नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs): उच्च-नेट-वर्थ व्यक्ति और कॉर्पोरेट निकाय जो खुदरा सीमा से ऊपर आवेदन करते हैं लेकिन QIBs नहीं हैं।
एंकर इन्वेस्टर: एक संस्थागत निवेशक जो IPO खुलने से पहले शेयर खरीदने की प्रतिबद्धता जताता है, जिससे पेशकश को स्थिरता मिलती है।
बेसिस ऑफ अलॉटमेंट: वह प्रक्रिया जिसका उपयोग IPO के ओवरसब्सक्राइब होने पर निवेशकों को शेयर आवंटित करने के लिए किया जाता है।
लॉट साइज: शेयरों की न्यूनतम संख्या जिसके लिए निवेशक को IPO में आवेदन करना होता है।
रजिस्ट्रार: वह इकाई जो IPO के प्रशासनिक पहलुओं के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार है, जैसे आवेदन प्रक्रिया और शेयर आवंटन।
लीड मैनेजर: एक निवेश बैंक जो कंपनी को IPO की संरचना, विपणन और निष्पादन में मदद करता है।
एडजस्टेड अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन एंड एमोर्टाइजेशन (EBITDA): ब्याज, कर, मूल्यह्रास और अमोर्टाइजेशन व्यय का हिसाब रखने से पहले कंपनी की परिचालन लाभप्रदता का एक माप।
प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT): वह शुद्ध लाभ जो कंपनी सभी खर्चों, करों को घटाने के बाद अर्जित करती है।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.