Orient Cables अपना ₹552 करोड़ का IPO 25 सितंबर को लॉन्च करने जा रही है। कंपनी का मुख्य फोकस कर्ज चुकाने और अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का विस्तार करने पर है। हालांकि कंपनी की सेल में जबरदस्त उछाल है, लेकिन मार्जिन पर दबाव निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
IPO की डिटेल्स और टाइमलाइन
Orient Cables ने अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लाने का ऐलान कर दिया है। निवेशक 25 सितंबर से इस इश्यू में पैसा लगा सकेंगे और बोली लगाने की प्रक्रिया 29 सितंबर को समाप्त होगी। एंकर इन्वेस्टर्स के लिए यह मौका 24 सितंबर को ही खुल जाएगा। इस IPO में ₹320 करोड़ के फ्रेश शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि प्रमोटर्स ₹232 करोड़ की हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचेंगे। शेयरों की लिस्टिंग 5 अक्टूबर को संभावित है।
कर्ज कम करने पर जोर
कंपनी ने जुटाई गई राशि का बड़ा हिस्सा यानी ₹155.5 करोड़ का इस्तेमाल अपना कर्ज कम करने में करने का फैसला किया है। फिलहाल कंपनी पर कुल ₹258.4 करोड़ का कर्ज है। इसके अलावा, ₹91.5 करोड़ की राशि राजस्थान के भिवाड़ी में स्थित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के विस्तार में लगाई जाएगी। कंपनी के पास 8.95 लाख किलोमीटर की केबल प्रोडक्शन क्षमता है, जो टेलीकॉम, डेटा सेंटर, रिन्यूएबल एनर्जी और ऑटोमोटिव जैसे सेक्टर्स को सप्लाई की जाती है।
फाइनेंशियल हेल्थ का विश्लेषण
वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू ₹1,171.6 करोड़ रहा, जिसमें सालाना आधार पर 42% की शानदार ग्रोथ देखी गई। हालांकि, चौंकाने वाली बात यह है कि रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद नेट प्रॉफिट सिर्फ 0.5% बढ़कर ₹53.6 करोड़ पर ही पहुंच सका। इसका मुख्य कारण ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव है। कंपनी का EBITDA मार्जिन जो पहले 10.16% था, वह गिरकर 8.22% पर आ गया है। वहीं, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी ने ₹489.1 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹32.7 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है।
निवेशकों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण यह देखना होगा कि नई पूंजी आने के बाद मैनेजमेंट मार्जिन को कैसे सुधारता है और क्या कर्ज कम होने से कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति में मजबूती आती है।
