Orient Cables के शेयर आज **₹450** पर लिस्ट हुए, जो इसके **₹272** के इश्यू प्राइस से करीब **65%** ज्यादा है। शानदार डेब्यू के बावजूद निवेशकों को कंपनी के महंगे वैल्युएशन और प्रॉफिट ग्रोथ की सुस्ती पर गौर करना चाहिए।
बाजार में धमाकेदार एंट्री
Orient Cables (India) ने 5 अक्टूबर, 2026 को शेयर बाजार में धमाकेदार शुरुआत की। NSE पर शेयर 65.44% के भारी प्रीमियम के साथ ₹450 पर खुला, जबकि BSE पर यह 64.74% की बढ़त के साथ ₹448.10 पर लिस्ट हुआ। इस लिस्टिंग के बाद कंपनी का मार्केट कैप ₹5,099 करोड़ पहुंच गया है।
इस शानदार परफॉर्मेंस की मुख्य वजह इसका ₹552 करोड़ का IPO था, जिसे निवेशकों ने 97.28 गुना सब्सक्राइब किया था। यह ग्रे मार्केट के 40-45% के अनुमानों से काफी ऊपर रहा।
बिजनेस मॉडल और फंड का उपयोग
कंपनी नेटवर्किंग केबल्स, पैसिव इक्विपमेंट और टेलीकॉम व रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के लिए प्रोडक्ट्स बनाती है। साल 2026 तक कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 22-23% रही है। IPO से मिली राशि का उपयोग कंपनी कर्ज चुकाने और नई मशीनों में निवेश करने के लिए करेगी ताकि ऑपरेशनल एफिशिएंसी को सुधारा जा सके।
निवेशकों के लिए चिंता के बिंदु
लिस्टिंग के उत्साह के बीच, निवेशकों को कुछ वित्तीय आंकड़ों पर ध्यान देने की जरूरत है:
- महंगा वैल्युएशन: कंपनी के शेयर अपने 2026 फाइनेंशियल ईयर की अर्निंग्स के 51.6 गुना पर ट्रेड कर रहे हैं।
- प्रॉफिट मार्जिन में गिरावट: मार्जिन 10.08% से गिरकर 8.16% पर आ गए हैं।
- स्टैग्नेंट प्रॉफिट: कंपनी का नेट प्रॉफिट ग्रोथ लगभग स्थिर है, जो पिछले साल के ₹53.32 करोड़ के मुकाबले इस बार ₹53.56 करोड़ रहा है।
- कर्ज का बोझ: कंपनी का नेट Debt-to-EBITDA रेशियो 2.31x है, जो भविष्य में एक चुनौती बन सकता है।
अब देखना यह होगा कि क्या कंपनी नई पूंजी और कर्ज कम करने की रणनीति के जरिए मुनाफे में सुधार ला पाती है, जिससे इसका मौजूदा वैल्युएशन सही साबित हो सके।
