Orient Cables ने अपने ₹552 करोड़ के IPO से पहले एंकर निवेशकों से ₹165.6 करोड़ जुटा लिए हैं। कंपनी इन पैसों का इस्तेमाल अपना कर्ज कम करने और प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाने में करेगी। मुख्य सब्सक्रिप्शन विंडो 25 सितंबर से खुलेगी।
एंकर निवेशकों का मिला भरोसा
Orient Cables (India) ने पब्लिक इश्यू से ठीक पहले एंकर निवेशकों से ₹165.6 करोड़ जुटाकर बाजार में अपनी मजबूत दस्तक दी है। कंपनी ने 60.88 लाख शेयर ₹272 प्रति शेयर की कीमत पर आवंटित किए हैं, जो प्राइस बैंड का ऊपरी स्तर है। यह सफलता अब 25 सितंबर से शुरू होने वाले मेन IPO के लिए एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। एंकर लिस्ट में Nippon Life India, ICICI Prudential AMC, Aditya Birla Sun Life AMC और Goldman Sachs जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
IPO का गणित और कर्ज का बोझ
कुल ₹552 करोड़ के इस IPO में ₹320 करोड़ फ्रेश इश्यू के जरिए और ₹232 करोड़ ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के जरिए जुटाए जाएंगे। प्रमोटर 'नागपाल फैमिली' इस OFS में अपनी हिस्सेदारी बेच रही है।
कंपनी की सबसे बड़ी प्राथमिकता अपनी बैलेंस शीट को साफ करना है। जून 2026 तक कंपनी पर ₹258.4 करोड़ का कर्ज था। मैनेजमेंट ने तय किया है कि फ्रेश इश्यू से मिली रकम में से ₹155.5 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में किया जाएगा, जिससे भविष्य में ब्याज का बोझ कम होगा और प्रॉफिट मार्जिन में सुधार की उम्मीद है। साथ ही, ₹91.5 करोड़ का निवेश नई मशीनरी और कैपेसिटी बढ़ाने में किया जाएगा।
निवेशकों के लिए जोखिम और अवसर
केबल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में कॉम्पिटिशन काफी ज्यादा है। निवेशकों को तांबा (Copper) और एल्युमीनियम (Aluminum) की कीमतों में आने वाले उतार-चढ़ाव पर नजर रखनी होगी, क्योंकि ये रॉ मटेरियल की लागत को सीधे प्रभावित करते हैं। सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी कर्ज कम करने और नई फैसिलिटी को समय पर शुरू करने के बीच कैसे संतुलन बिठाती है।
