Orient Cables का **₹552 करोड़** का IPO आज कुल **14.33 गुना** सब्सक्राइब होकर बंद हो गया है। रिटेल और नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों ने इस पर खूब भरोसा जताया है, जबकि ग्रे मार्केट में **26%** तक के लिस्टिंग गेन की उम्मीदें बनी हुई हैं।
बाजार की मिली-जुली प्रतिक्रिया
Orient Cables के इस IPO को लेकर निवेशकों में काफी उत्साह दिखा। आंकड़ों के मुताबिक, नॉन-इंस्टीट्यूशनल कैटेगरी (NII) में 33.07 गुना आवेदन आए, जबकि रिटेल निवेशकों ने 14.38 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज कराया। हालांकि, क्वॉलिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की तरफ से सुस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली, जिन्होंने अपने हिस्से का केवल 0.21 गुना ही सब्सक्राइब किया। यह अंतर कंपनी के वैल्युएशन को लेकर बाजार में मौजूद अलग-अलग राय को दर्शाता है।
बिजनेस मॉडल और प्रतिस्पर्धा
यह कंपनी पिछले 2 दशक से नेटवर्किंग और टेलीकॉम केबल्स के क्षेत्र में काम कर रही है। IPO के जरिए जुटाई गई ₹320 करोड़ की नई पूंजी का इस्तेमाल बिजनेस ऑपरेशन्स के लिए होगा। कंपनी का मुकाबला Polycab, KEI Industries और Finolex Cables जैसे दिग्गजों से है, जो इस सेक्टर में काफी मजबूत स्थिति में हैं।
ग्रे मार्केट और लिस्टिंग का गणित
अनौपचारिक ग्रे मार्केट में इस शेयर को ₹72 का प्रीमियम मिल रहा है, जो इश्यू प्राइस ₹272 के मुकाबले करीब 26% का लिस्टिंग गेन संकेत दे रहा है। निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि ये आंकड़े केवल अनुमानित हैं।
आगे क्या होगा?
शेयरों का अलॉटमेंट 30 सितंबर को फाइनल होगा और 5 अक्टूबर को यह स्टॉक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्ट होगा। जिन निवेशकों को अलॉटमेंट नहीं मिलेगा, उनके रिफंड की प्रक्रिया जल्द ही शुरू कर दी जाएगी। अब नजरें कंपनी के मार्जिन और ऑर्डर एग्जीक्यूशन पर टिकी होंगी, जो भविष्य में शेयर की चाल तय करेंगे।
