Orient Cables India की शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री हुई है। कंपनी का शेयर अपने इश्यू प्राइस ₹272 के मुकाबले **65%** की बढ़त के साथ **₹450** पर लिस्ट हुआ है, जो निवेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी है।
बाजार में धाकड़ शुरुआत
सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को शेयर बाजार में Orient Cables India Ltd ने जोरदार दस्तक दी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर स्टॉक ₹450 के भाव पर खुला, जो इसके इश्यू प्राइस से 65.44% ऊपर है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर भी यह ₹448.10 पर ट्रेड करता दिखा। सत्र के अंत तक कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹5,121 करोड़ तक पहुंच गया, जिसने ग्रे मार्केट की उम्मीदों को भी पीछे छोड़ दिया।
क्यों मिला निवेशकों का साथ?
इस दमदार लिस्टिंग के पीछे कंपनी का ₹552 करोड़ का IPO था, जिसे निवेशकों ने हाथों-हाथ लिया और यह 92.27 गुना सब्सक्राइब हुआ। QIBs और NIIs ने इसमें जबरदस्त दिलचस्पी दिखाई। कंपनी नेटवर्किंग केबल्स, पैसिव इक्विपमेंट और ऑप्टिकल फाइबर सॉल्यूशंस के क्षेत्र में काम करती है, जिसकी मांग डेटा सेंटर और ब्रॉडबैंड सेक्टर में लगातार बढ़ रही है।
फाइनेंशियल और कर्ज का गणित
कंपनी ने फ्रेश इश्यू से जुटाए ₹320 करोड़ को अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने और कर्ज कम करने में लगाने का फैसला किया है। हालांकि, FY24 से FY26 के बीच रेवेन्यू में 33% की CAGR ग्रोथ रही, लेकिन FY26 में प्रॉफिट (PAT) ₹53.56 करोड़ पर स्थिर रहा। EBITDA मार्जिन भी गिरकर 8.23% तक आ गया था, हालांकि Q1 FY27 में इसमें सुधार के संकेत दिखे हैं।
सावधानी भी जरूरी: रिस्क फैक्टर्स
लिस्टिंग के उत्साह के बीच निवेशकों को कुछ जोखिमों पर नजर रखनी चाहिए:
- हाई वैल्यूएशन: वर्तमान प्राइस पर स्टॉक का P/E रेशियो लगभग 95.6x है, जो काफी महंगा माना जा सकता है।
- कर्ज का बोझ: FY26 के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी का नेट डेट-टू-EBITDA रेशियो 2.31x है।
- अन्य चुनौतियां: क्लाइंट्स की निर्भरता (Customer concentration) और एक ट्रेडमार्क विवाद कंपनी की ग्रोथ की राह में अड़चन पैदा कर सकते हैं।
आने वाले समय में निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी अपनी मार्जिन रिकवरी और कर्ज घटाने के लक्ष्य को कितनी तेजी से पूरा करती है।
