OnEMI IPO: रेवेन्यू-मुनाफे में गिरावट के बावजूद OnEMI जुटाएगी ₹1,000 Cr, फिनटेक मार्केट में खलबली!

IPO
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
OnEMI IPO: रेवेन्यू-मुनाफे में गिरावट के बावजूद OnEMI जुटाएगी ₹1,000 Cr, फिनटेक मार्केट में खलबली!
Overview

डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म OnEMI, जो Kissht ऐप को चलाता है, अगले हफ्ते अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लेकर आ रहा है। कंपनी का लक्ष्य **₹1,000 करोड़** जुटाना है। हालांकि, निवेशकों के लिए चिंता की बात यह है कि कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) में अपने रेवेन्यू में **20%** और मुनाफे में **18.5%** की गिरावट दर्ज की है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

OnEMI का IPO: कितना पैसा, कहां इस्तेमाल?

OnEMI टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस, जो डिजिटल लेंडिंग ऐप Kissht को ऑपरेट करता है, अगले हफ्ते अपना IPO लॉन्च करने के लिए तैयार है। कंपनी नए शेयर्स और ऑफर फॉर सेल (Offer for Sale) के जरिए कुल ₹1,000 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। इसमें से ₹750 करोड़ सीधे इसकी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) शाखा, Si Creva Capital Services को लेंडिंग (कर्ज देना) के लिए दिए जाएंगे। वहीं, बचे हुए ₹250 करोड़ का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट ज़रूरतों के लिए किया जाएगा। ऑफर फॉर सेल के तहत मौजूदा निवेशकों के लगभग 0.89 करोड़ शेयर्स बेचे जाएंगे। 31 मार्च 2025 तक, OnEMI के पास 53.23 मिलियन रजिस्टर्ड यूजर्स थे और 1.9 मिलियन एक्टिव बॉरोअर्स थे, जबकि एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹4,086.6 करोड़ था।

कंपनी के फाइनेंशियल नतीजे चिंताजनक

ऑपरेशन्स में ग्रोथ के बावजूद, OnEMI के फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) के नतीजे एक बड़ी गिरावट दिखाते हैं। कंपनी की कुल आय पिछले साल के ₹1,700.3 करोड़ से 20% घटकर ₹1,352.7 करोड़ रह गई। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) भी 18.5% गिरकर ₹160.6 करोड़ हो गया, जबकि FY24 में यह ₹197 करोड़ था। कंपनी ने इस गिरावट का कारण कम्पटीटिव प्राइसिंग, लंबे लोन टर्म्स की ओर बदलाव (जिससे इनकम रिकग्निशन में देरी हुई) और कम फीस को बताया है। हालांकि, OnEMI की बैलेंस शीट बढ़ी है, जिसमें कुल एसेट्स FY25 के अंत तक ₹2,701 करोड़ और नेट वर्थ बढ़कर ₹1,006 करोड़ हो गई। कुल उधार ₹1,507.6 करोड़ था।

भारतीय फिनटेक सेक्टर में बड़ा बदलाव

भारत का फिनटेक सेक्टर तेजी से बदल रहा है। अब यह केवल एक्सपेंशन (विस्तार) के बजाय कंसॉलिडेशन (एकीकरण) और सख्त रेगुलेशन की ओर बढ़ रहा है। 2026 के मध्य तक डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स द्वारा 11 करोड़ से ज्यादा लोन दिए जाने का अनुमान है, जिनकी कुल वैल्यू ₹2.9 लाख करोड़ से अधिक होगी। बाजार अब मजबूत लेंडिंग असेसमेंट (मूल्यांकन) और सर्विस कैपेबिलिटीज वाली कंपनियों को पसंद कर रहा है, जिसमें डिजिटल लेंडिंग में सालाना 30-40% ग्रोथ की उम्मीद है। OnEMI का मुकाबला Lendingkart, FlexiLoans और KredX जैसे बड़े नामों से है, साथ ही कई अन्य फिनटेक लेंडर्स भी मैदान में हैं। 2025 में इन्वेस्टर्स का फोकस अनसिक्योर्ड लेंडिंग से हट गया है, क्योंकि नए नियमों और कलेक्शन में मुश्किलों के कारण वे सिक्योर्ड मॉडल्स को तरजीह दे रहे हैं।

रेगुलेटरी बदलाव और IPO मार्केट का मिजाज

भारत में डिजिटल लेंडिंग अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के स्पष्ट नियमों के तहत काम कर रही है। नए दिशा-निर्देश बॉरोअर्स (कर्जदार) की सुरक्षा, प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही और फीस व फंड फ्लो में पारदर्शिता पर केंद्रित हैं। RBI ने फरवरी 2026 में डिफ़ॉल्ट लॉस गारंटी (DLG) फ्रेमवर्क के नियमों को भी वापस लाया, जिसने NBFCs और फिनटेक फर्मों को कुछ सहारा दिया है। मौजूदा फिनटेक IPO मार्केट बहुत सतर्क है। इन्वेस्टर्स अब तेजी से बढ़ने वाली कंपनियों के बजाय स्पष्ट प्रॉफिट और मजबूत बिजनेस मॉडल वाली कंपनियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। कमजोर रुपया और अस्थिर ग्लोबल मार्केट्स ने भी निवेशक के भरोसे को कम किया है, जिस कारण कई फिनटेक कंपनियों ने अपने IPO प्लान टाल दिए हैं। Aye Finance के 2026 में IPO के बाद खराब स्टॉक परफॉर्मेंस, जो लिस्टिंग के बाद 26% गिर गया, इन जोखिमों को उजागर करता है।

OnEMI के लिए मुख्य निवेशक चिंताएं

OnEMI के IPO पर FY25 के वित्तीय आंकड़ों में आई मंदी के कारण सवाल उठ रहे हैं। AUM बढ़ने के बावजूद रेवेन्यू और मुनाफे में गिरावट, लेंडिंग मार्जिन्स पर संभावित दबाव का संकेत देती है। लंबी अवधि के लोन देने की इसकी रणनीति, अल्पकालिक मुनाफे को नुकसान पहुंचा सकती है। ₹1,507.6 करोड़ के उधार के मुकाबले ₹1,006 करोड़ की नेट वर्थ के साथ, इसके डेट लेवल (कर्ज का स्तर) की सावधानीपूर्वक समीक्षा की जानी चाहिए, खासकर जब निवेशक बैलेंस शीट की मजबूती पर ध्यान केंद्रित कर रहे हों। जबकि नए रेगुलेशन जिम्मेदार लेंडिंग को बढ़ावा देते हैं, वे लेंडर्स के लिए लगातार अनुपालन लागत (compliance costs) और समायोजन का कारण भी बनते हैं। सतर्क फिनटेक IPO मार्केट, जो प्रॉफिटेबिलिटी को प्राथमिकता देता है और हालिया खराब प्रदर्शनों से सावधान है, OnEMI के वैल्यूएशन को सीमित कर सकता है।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.