OmniActive Health Technologies अपना IPO लाने की तैयारी कर रही है, जिसमें कंपनी का लक्ष्य **$1 बिलियन** का मार्केट कैप हासिल करना है। कंपनी **$300 मिलियन** तक फंड जुटाने की योजना बना रही है, हालांकि अमेरिकी बाजार पर निर्भरता निवेशकों के लिए एक बड़ा पॉइंट ऑफ डिस्कशन हो सकता है।
बाजार में दस्तक की तैयारी
OmniActive Health Technologies अब पब्लिक मार्केट में उतरने के लिए इनवेस्टमेंट बैंकों के साथ शुरुआती बातचीत कर रही है। कंपनी का लक्ष्य $1 बिलियन के वैल्युएशन पर पहुंचना है और इसके लिए वह $200 मिलियन से $300 मिलियन के बीच फंड जुटाने की तैयारी में है। अगर यह लिस्टिंग सफल होती है, तो यह भारतीय शेयर बाजार में न्यूट्रास्युटिकल सेक्टर की पहली लिस्टेड कंपनी बन सकती है।
फाइनेंशियल और ओनरशिप का गणित
कंपनी के फिलहाल के मालिकाना हक की बात करें, तो प्राइवेट इक्विटी फर्म TA Associates के पास 56% हिस्सेदारी है, जबकि फाउंडर संजय मारिवाला की हिस्सेदारी 40% के करीब है। कंपनी के फाइनेंशियल आंकड़े काफी मजबूत दिख रहे हैं। फर्म पूरी तरह से कर्ज-मुक्त (Debt-free) है और साल 2025 के फाइनेंशियल ईयर में इसकी ऑपरेटिंग इनकम बढ़कर ₹886 करोड़ रही है, जो पिछले साल ₹837 करोड़ थी। इसी दौरान कंपनी का एडजेस्टेड प्रॉफिट भी ₹144 करोड़ से बढ़कर ₹165 करोड़ पर पहुंच गया है।
रिस्क और चुनौतियां
निवेशकों को कंपनी के भौगोलिक विस्तार पर नजर रखनी चाहिए। कंपनी का एक बड़ा रेवेन्यू अमेरिकी बाजार से आता है, जिससे ट्रेड पॉलिसी और टैरिफ जैसे रिस्क जुड़े हुए हैं। इसके अलावा, हाल के दिनों में नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने में आई देरी ने कंपनी की ग्रोथ स्पीड को प्रभावित किया है। हालांकि, इन जोखिमों को कम करने के लिए कंपनी यूरोप, एशिया और अफ्रीका में अपना कारोबार तेजी से फैलाने की कोशिश कर रही है।
आगे क्या देखें?
अब सबकी नजरें कंपनी के ड्राफ्ट प्रोस्पेक्टस पर होंगी, जहाँ से फंड के सही इस्तेमाल और फाइनल वैल्युएशन की तस्वीर साफ होगी। मार्केट इस बात पर बारीकी से नजर रखेगा कि कंपनी किस तरह नए बाजारों में अपने मार्जिन को बरकरार रखती है और अपने प्रोडक्ट पाइपलाइन को कितनी तेजी से मार्केट में उतारती है।
