सब्सक्रिप्शन का उत्साह और ग्रे मार्केट का डर
Om Power Transmission के इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) को निवेशकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। 13 अप्रैल, 2026 को बंद हुए इस IPO में कुल 3.3 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) का हिस्सा 3.65 गुना सब्सक्राइब हुआ, वहीं नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) ने 7.06 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। रिटेल इन्वेस्टर्स ने 1.54 गुना बोली लगाई।
हालांकि, IPO में आई इस जबरदस्त मांग के उलट, ग्रे मार्केट का संकेत कुछ और ही कह रहा है। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP), जो लिस्टिंग पर संभावित लाभ का अंदाजा देता है, काफी नरम और अस्थिर रहा है। 7 अप्रैल, 2026 को यह इश्यू प्राइस ₹175 पर ₹1.5 (यानी 0.86% प्रीमियम) के आसपास था, जो 15 अप्रैल, 2026 तक गिरकर करीब ₹1.00 रह गया। यह दिखाता है कि ग्रे मार्केट में लिस्टिंग इश्यू प्राइस के आसपास ही होने की उम्मीद है, जो मजबूत सब्सक्रिप्शन के बावजूद एक फीकी शुरुआत का इशारा है।
फाइनेंशियल ग्रोथ और मजबूत ऑर्डर बुक
पावर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर में एक इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) फर्म के तौर पर Om Power Transmission ने पिछले कुछ सालों में अच्छी ग्रोथ दिखाई है। कंपनी का रेवेन्यू FY2023 में ₹120.24 करोड़ से बढ़कर FY2025 में ₹279.44 करोड़ हो गया, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) इसी अवधि में ₹6.23 करोड़ से बढ़कर ₹22.08 करोड़ हो गया। दिसंबर 2025 तक, कंपनी के पास ₹744.60 करोड़ का मजबूत ऑर्डर बुक था, जो भविष्य की कमाई की अच्छी विजिबिलिटी देता है।
IPO फंड का इस्तेमाल और वैल्यूएशन
IPO से जुटाए गए ₹150 करोड़ का इस्तेमाल कंपनी अपनी ग्रोथ और वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए करेगी। इसमें से लगभग ₹11.2 करोड़ मशीनरी और इक्विपमेंट खरीदने में, ₹25 करोड़ डेट (Debt) चुकाने में, और ₹55 करोड़ लॉन्ग-टर्म वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में लगाए जाएंगे। बाकी राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए है। कंपनी की पोस्ट-इश्यू P/E रेश्यो (FY2025 की कमाई के आधार पर) 19.5x से 27.1x के बीच रहने का अनुमान है। यह वैल्यूएशन इसके पीयर्स (Peers) जैसे Rajesh Power Services Ltd (P/E 16.38x), Advait Energy Transitions Ltd (P/E 57.52x), और Viviana Power Tech Ltd (P/E 25.15x) के बीच में है।
बाजार का माहौल और प्रमुख जोखिम
2026 की शुरुआत में भारतीय IPO मार्केट में कुछ नरमी देखी गई है, जिसका मुख्य कारण बाजार की अस्थिरता और ग्लोबल अनिश्चितताएं हैं। ऐसे माहौल में निवेशकों का सेंटीमेंट सतर्क है, जो Om Power Transmission जैसी कंपनियों की लिस्टिंग उम्मीदों को भी प्रभावित कर सकता है।
मजबूत ऑर्डर बुक और ग्रोथ के बावजूद, Om Power Transmission के सामने कुछ बड़े जोखिम हैं। इनमें सबसे प्रमुख है वर्किंग कैपिटल की ज्यादा जरूरत। दिसंबर 2025 तक कंपनी का ट्रेड रिसीवेबल्स ₹144.07 करोड़ था, जिससे कैश फ्लो पर दबाव पड़ सकता है। इसके अलावा, कंपनी अपनी आय के लिए काफी हद तक एक ही ग्राहक, GETCO, पर निर्भर है, जो लगभग 71.55% रेवेन्यू इसी से आता है। यह एक बड़ा कॉन्संट्रेशन रिस्क (Concentration Risk) पैदा करता है। दिसंबर 2025 तक ₹37.38 करोड़ का निगेटिव कैश फ्लो भी चिंता का विषय है।
आगे की राह
Om Power Transmission का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी वर्किंग कैपिटल को कितनी अच्छी तरह मैनेज करती है, GETCO के अलावा अपने ग्राहक आधार का विस्तार कैसे करती है, और अपने प्रोजेक्ट्स को कुशलता से कैसे पूरा करती है। IPO फंड का इस्तेमाल विस्तार और कर्ज कम करने में एक सकारात्मक कदम है, लेकिन निवेशकों को कंपनी की क्षमता पर बारीकी से नजर रखनी होगी कि वह EPC सेक्टर में अपने बड़े ऑर्डर बुक को स्थायी कैश फ्लो में कैसे बदल पाती है। ग्रे मार्केट का सुस्त रुख यह बताता है कि लिस्टिंग के बाद बड़ी तेजी के लिए कंपनी के मजबूत एग्जीक्यूशन (Execution) और बाजार के सेंटीमेंट में बदलाव पर निर्भर रहना होगा।