Ola Electric Mobility के फाउंडर भाविश अग्रवाल ने **₹1,000 करोड़** के राइट्स इश्यू में हिस्सा लेने के लिए कंपनी में अपनी **4.32%** हिस्सेदारी गिरवी (pledge) रख दी है।
प्रमोटर की बड़ी चाल
कंपनी की रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, भाविश अग्रवाल ने 30 सितंबर 2026 को लगभग 20 करोड़ शेयर गिरवी रखे हैं। यह कदम कंपनी के आने वाले ₹1,000 करोड़ के राइट्स इश्यू में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। यह गिरवी रखी गई हिस्सेदारी 'कृत्रिम डेटा सेंटर प्राइवेट लिमिटेड' (Krutrim Data Centre Private Limited) द्वारा जारी किए गए नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) के लिए कोलैटरल के रूप में काम करेगी।
निवेशकों के लिए अहम जानकारी
बोर्ड ने इस फंडरेजिंग प्लान को मंजूरी दे दी है, लेकिन अभी भी इश्यू प्राइस, एंटाइटेलमेंट रेशियो और रिकॉर्ड डेट जैसे महत्वपूर्ण आंकड़ों का इंतजार है। मैनेजमेंट ने साफ किया है कि ये शेयर ओपन मार्केट में नहीं बेचे जा रहे हैं और प्रमोटर की होल्डिंग पर यह अभी एकमात्र गिरवी रखा गया हिस्सा है।
सेक्टर का दबाव और फंडिंग की जरूरत
जून 2026 में कंपनी ने QIP के जरिए ₹780 करोड़ जुटाए थे। इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर की पूंजी-गहन (capital-intensive) प्रकृति को देखते हुए, कंपनी अब बैटरी सेल मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च कर रही है। फिलहाल शेयर का भाव ₹37.09 के आसपास बना हुआ है, और बाजार इस बात पर नजर गड़ाए हुए है कि नई इक्विटी के आने से वैल्यूएशन और शेयरहोल्डर डाइल्यूशन पर क्या असर पड़ेगा।
क्या जोखिम है?
शेयर गिरवी रखने की खबर आमतौर पर निवेशकों में थोड़ी हलचल पैदा करती है, खासकर जब मामला रिलेटेड-पार्टी ट्रांजेक्शन से जुड़ा हो। बाजार के जानकार मान रहे हैं कि अगर शेयर की कीमतों में उतार-चढ़ाव आता है, तो गिरवी रखे शेयरों के चलते स्टॉक की वोलेटिलिटी बढ़ सकती है। अब सभी की निगाहें राइट्स इश्यू की आधिकारिक शर्तों और कंपनी की कैश फ्लो स्थिति पर टिकी हैं।
