OfBusiness IPO: बाजार में दस्तक की तैयारी, **$800 मिलियन** जुटाने के लिए OfBusiness ला रही है IPO

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AuthorNeha Patil|Published at:
OfBusiness IPO: बाजार में दस्तक की तैयारी, **$800 मिलियन** जुटाने के लिए OfBusiness ला रही है IPO

B2B दिग्गज OfBusiness अपने आगामी IPO की तैयारी में जुट गई है, जिसके जरिए कंपनी **$600 मिलियन** से **$800 मिलियन** तक जुटा सकती है। इस पब्लिक इश्यू की मजबूती का मुख्य आधार कंपनी का टेंडर प्लेटफॉर्म BidAssist है।

बी2बी कॉमर्स और लेंडिंग सेक्टर में काम करने वाली कंपनी OfBusiness अब पब्लिक मार्केट में कदम रखने की राह पर है। कंपनी की योजना $600 मिलियन से $800 मिलियन का फंड जुटाने की है। अपनी बाजार स्थिति को और मजबूत करने के लिए कंपनी अपने डिजिटल टेंडर इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म 'BidAssist' का इस्तेमाल कर रही है। यह प्लेटफॉर्म न केवल छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs) को सरकारी टेंडर खोजने में मदद करता है, बल्कि कंपनी के मुख्य कॉमर्स बिजनेस और उसकी लेंडिंग इकाई Oxyzo Financial Services के लिए नए ग्राहक जुटाने का एक बड़ा जरिया बन गया है।

छोटे बाजारों में डिजिटल क्रांति

BidAssist प्लेटफॉर्म के आंकड़े बताते हैं कि छोटे शहरों में सरकारी कामकाज के प्रति व्यापारियों का रुझान तेजी से बढ़ा है। वर्तमान में इस प्लेटफॉर्म के 1.7 मिलियन यूजर्स हैं, जिसमें 60% हिस्सेदारी टियर-II और टियर-III शहरों के उद्यमियों की है। यह प्लेटफॉर्म रोजाना 50,000 से अधिक लाइव टेंडर्स को ट्रैक करता है, जिससे SMEs को बोली लगाने में आसानी होती है और OfBusiness को देश भर की औद्योगिक गतिविधियों का सटीक डेटा मिलता है।

इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च में उछाल

प्लेटफॉर्म के डेटा के अनुसार, देश में औद्योगिक प्रोजेक्ट्स की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही से 2027 की दूसरी तिमाही के बीच, सिविल और कंस्ट्रक्शन सेक्टर के टेंडर वैल्यू में लगभग 25% का इजाफा दर्ज किया गया है। इसी तरह, सड़क निर्माण परियोजनाओं में 27% और कुल 15 मॉनिटर किए गए सेक्टरों में औसतन 14% की ग्रोथ देखी गई है। सरकार का यह भारी-भरकम खर्च सीधे तौर पर OfBusiness की सेवाओं की मांग को बढ़ा रहा है।

निवेशकों के लिए अहम संकेत

निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी कैसे अपने टेंडर प्लेटफॉर्म और लेंडिंग बिजनेस के बीच तालमेल बिठाती है। BidAssist एक सेल्फ-फंडेड 'कस्टमर एक्विजिशन चैनल' की तरह काम कर रहा है। इसके क्लाइंट बेस में 10 निफ्टी 50 कंपनियां और कई निजी बैंक भी शामिल हैं। हालांकि, लिस्टिंग से पहले निवेशक कंपनी की एसेट क्वालिटी, लोन पोर्टफोलियो और एसएमई लेंडिंग से जुड़े जोखिमों पर बारीकी से नजर रखेंगे। जल्द ही कंपनी की ओर से ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (DRHP) दाखिल करने की उम्मीद है, जिसमें कंपनी के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की पूरी तस्वीर साफ होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.