Oravel Stays यानी OYO ने अपने IPO के फ्रेश इश्यू साइज को ₹6,650 करोड़ से घटाकर **₹3,350 करोड़** कर दिया है। कंपनी ने यह फैसला बेहतर कैश फ्लो और आंतरिक कमाई से कर्ज चुकाने की रणनीति के तहत लिया है।
IPO साइज घटाने के पीछे की वजह
निवेशकों के लिए फ्रेश इश्यू साइज का कम होना कंपनी की सुधरती वित्तीय स्थिति का संकेत है। पहले कंपनी का बड़ा प्लान फंड्स के जरिए कर्ज चुकाने का था, लेकिन अब OYO ने बेहतर कैश फ्लो के चलते आंतरिक कमाई का उपयोग कर्ज निपटाने के लिए करने का निर्णय लिया है। इससे शेयर होल्डर्स के लिए इक्विटी डाइल्यूशन (Equity Dilution) कम होगा, जो एक सकारात्मक कदम है।
Moody’s का भरोसा और ग्रोथ का अनुमान
कंपनी की सुधरती सेहत देख क्रेडिट रेटिंग एजेंसी Moody’s ने भी अपनी राय पॉजिटिव कर दी है। एजेंसी ने कंपनी की B2 कॉर्पोरेट फैमिली रेटिंग को बरकरार रखा है। अनुमान है कि अगले 12 से 18 महीने में कंपनी का EBITDA करीब ₹3,000 करोड़ तक पहुंच सकता है, जो इसके नेटवर्क विस्तार की आक्रामक रणनीति का नतीजा होगा।
ओनरशिप और भविष्य का रास्ता
साल 2013 में रितेश अग्रवाल (Ritesh Agarwal) द्वारा शुरू की गई इस कंपनी में अभी भी बड़े निवेशकों का दबदबा है। रितेश अग्रवाल के पास 30.52% हिस्सेदारी है, जबकि SoftBank Group Corp की सब्सिडियरी SVF India Holdings 40.04% हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ी शेयरहोल्डर है। कंपनी ने अपना अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा कर दिया है और अब पब्लिक लिस्टिंग की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।
निवेशकों के लिए अहम बात
भले ही कंपनी की वित्तीय स्थिति स्थिर होती दिख रही हो, लेकिन निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि क्या कंपनी अपने मार्जिन्स को बनाए रख पाएगी। ट्रैवल-टेक सेक्टर में कॉम्पिटिशन काफी ज्यादा है, इसलिए डिमांड को बरकरार रखना और सही वैल्यूएशन पर लिस्टिंग होना कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।
