NoPaperForms IPO: एजुकेशन सेक्टर की दिग्गज कंपनी लाएगी ₹375 करोड़ का IPO, नए पेपर जमा किए

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
NoPaperForms IPO: एजुकेशन सेक्टर की दिग्गज कंपनी लाएगी ₹375 करोड़ का IPO, नए पेपर जमा किए

NoPaperForms Solutions ने SEBI के पास अपडेटेड IPO ड्राफ्ट जमा किए हैं। कंपनी इस इश्यू के जरिए ₹375 करोड़ जुटाने की तैयारी में है।

एजुकेशन सेक्टर को डिजिटल प्लेटफॉर्म मुहैया कराने वाली कंपनी NoPaperForms Solutions ने अपने पब्लिक लिस्टिंग के प्लान को तेज कर दिया है। कंपनी ने बाजार नियामक SEBI के पास नया ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया है। इस IPO के तहत कंपनी ₹375 करोड़ के नए शेयर जारी करेगी। इसके अलावा, मौजूदा निवेशक 'Startup Investments (Holding) Ltd' अपनी हिस्सेदारी से 3.84 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचेगी।

कारोबार का दायरा

गुड़ग्राम स्थित यह कंपनी मुख्य रूप से 'मेरिट्टो' (Meritto) और 'कॉलेक्सो' (Collexo) जैसे ब्रांड्स के जरिए काम करती है। यह प्लेटफॉर्म स्कूलों और यूनिवर्सिटीज को एडमिशन मैनेजमेंट, स्टूडेंट रिक्रूटमेंट और फीस कलेक्शन में मदद करते हैं। कंपनी का नेटवर्क भारत के अलावा UAE और दक्षिण-पूर्व एशिया तक फैला है, जहां इसके 1,000 से ज्यादा ग्राहक हैं।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस

कंपनी के हालिया आंकड़े काफी उत्साहजनक रहे हैं। मार्च 2026 में खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर में प्लेटफॉर्म के जरिए होने वाला फीस कलेक्शन बढ़कर ₹3,180 करोड़ पहुंच गया, जो 2024 में ₹1,541 करोड़ था। कंपनी का मुनाफा भी तेजी से बढ़ा है; वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स ₹11.9 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा सिर्फ ₹1.9 करोड़ था।

फंड का इस्तेमाल और भविष्य की राह

जुटाए गए पैसों का बड़ा हिस्सा कंपनी अपनी तकनीक को अपग्रेड करने में लगाएगी। खास तौर पर, कंपनी अपने प्लेटफॉर्म में 'एजेंटिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (Agentic AI) जोड़ने पर काम कर रही है, ताकि एजुकेशन संस्थानों को मार्केटिंग और स्टूडेंट एंगेजमेंट में बेहतर रिजल्ट मिल सकें। इसके अलावा, कंपनी भविष्य में अधिग्रहण (Acquisitions) के जरिए भी अपना विस्तार करना चाहती है।

जोखिम और चुनौतियां

निवेशकों को यह भी ध्यान रखना होगा कि वर्टिकल SaaS स्पेस में कड़ी प्रतिस्पर्धा है। लगातार इनोवेशन करना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती है। साथ ही, अधिग्रहण के जरिए विस्तार करने की रणनीति में भी 'एक्जीक्यूशन रिस्क' होता है। इस इश्यू के लिए IIFL Capital Services और SBI Capital Markets को बुक-रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.