NSE के बहुप्रतीक्षित IPO की खबरों के बीच New India Assurance और IFCI के शेयरों में शुक्रवार को जोरदार उछाल देखा गया। New India Assurance ने अपना 52-वीक हाई छुआ है, जबकि IFCI ने साल 2007 के बाद का अपना उच्चतम स्तर दर्ज किया है।
शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को शेयर बाजार में NSE के आने वाले IPO को लेकर हलचल तेज रही। निवेशकों को उम्मीद है कि NSE के बाजार में उतरने से इन कंपनियों की वैल्यू अनलॉक होगी, जिसका सीधा फायदा इनके शेयरधारकों को मिलेगा।
शेयरों का प्रदर्शन
New India Assurance का शेयर 17% की बढ़त के साथ ₹229.30 के 52-वीक हाई पर पहुंच गया। वहीं, IFCI का शेयर भी ₹107.45 के स्तर को छू गया, जो दिसंबर 2007 के बाद का सबसे मजबूत स्तर है। ट्रेडिंग वॉल्यूम में भारी उछाल यह दर्शाता है कि रिटेल और इंस्टीट्यूशनल निवेशक इस IPO प्ले में काफी दिलचस्पी ले रहे हैं।
क्यों बढ़ रहे हैं ये शेयर?
यह सारा खेल हिस्सेदारी (Stake) का है। New India Assurance के पास NSE की 1.42% सीधी हिस्सेदारी है। वहीं, IFCI के पास Stock Holding Corporation of India Limited (SHCIL) की 52.86% कंट्रोलिंग हिस्सेदारी है, जो खुद NSE में 4.4% का मालिकाना हक रखती है। अगर NSE का IPO आता है और कंपनी की वैल्यूएशन ₹5.26 ट्रिलियन तक रहती है, तो इन कंपनियों को भारी लाभ हो सकता है। SEBI चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने भी संकेत दिए हैं कि ड्राफ्ट IPO पेपर्स पर काम अंतिम चरण में है।
जोखिम को नजरअंदाज न करें
मौजूदा तेजी मुख्य रूप से 'अनुमानों' (Speculation) पर आधारित है। निवेशकों को यह समझना होगा कि यह उछाल कंपनी के ऑपरेशन्स में सुधार के कारण नहीं, बल्कि सिर्फ एक संभावित एसेट सेल के कारण है। IPO की टाइमलाइन और रेगुलेटरी क्लीयरेंस अभी भी प्रक्रियाधीन है। यदि किसी भी स्तर पर देरी होती है, तो यह जोश ठंडा भी पड़ सकता है।
