National Stock Exchange (NSE) ने अपने IPO से पहले **189** एंकर निवेशकों से **₹6,746.18 करोड़** की बड़ी रकम जुटाई है। शेयरों का अलॉटमेंट **₹1,785** के भाव पर हुआ है। आम निवेशकों के लिए यह IPO **17 सितंबर से 21 सितंबर 2026** तक खुला रहेगा, लेकिन ध्यान रखें कि यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अपने बहुप्रतीक्षित IPO के ठीक पहले एंकर राउंड पूरा कर लिया है। कंपनी ने 189 बड़े निवेशकों से ₹6,746.18 करोड़ की राशि हासिल की है। इसमें LIC जैसे घरेलू संस्थान और कई ग्लोबल सोवेरियन वेल्थ फंड्स शामिल हैं। शेयरों को ₹1,785 प्रति शेयर के भाव पर जारी किया गया है, जो कि इश्यू प्राइस बैंड का ऊपरी स्तर है। यह फंड जुटाना बाजार में NSE के प्रति भरोसे का एक बड़ा संकेत है।
ऑफर फॉर सेल (OFS) का गणित
निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि यह पूरा IPO एक 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) है। इसका मतलब है कि इसमें मौजूदा शेयरहोल्डर्स अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। कंपनी को इस पैसे से अपनी टेक्नोलॉजी या बिजनेस विस्तार के लिए कोई नया फंड नहीं मिलेगा; यह पूरी रकम बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को जाएगी।
रिस्क और रेगुलेटरी चुनौतियां
भले ही NSE इक्विटी और डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग में मार्केट लीडर है, लेकिन बिजनेस मॉडल पर कुछ जोखिम भी हैं। SEBI के नियमों में बदलाव—जैसे ट्रांजैक्शन चार्जेस या मार्जिन रूल्स—सीधे कंपनी के रेवेन्यू को प्रभावित करते हैं। साथ ही, BSE से मिल रही प्रतिस्पर्धा और अतीत की रेगुलेटरी जांच (जैसे को-लोकेशन मामला) भी निवेशकों के लिए मॉनिटर करने योग्य बातें हैं।
क्या है आगे का रास्ता?
सब्सक्रिप्शन 21 सितंबर 2026 को बंद होगा, जिसके बाद 24 सितंबर 2026 को शेयर की लिस्टिंग BSE पर होने की संभावना है। निवेशकों को अलॉटमेंट स्टेटस और ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर नजर रखनी चाहिए।
