NSE पर बंपर नतीजे! Q4 में Profit **8%** उछला, IPO के लिए **₹10,302 करोड़** की कमाई का आंकड़ा आया सामने

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AuthorAditya Rao|Published at:
NSE पर बंपर नतीजे! Q4 में Profit **8%** उछला, IPO के लिए **₹10,302 करोड़** की कमाई का आंकड़ा आया सामने
Overview

NSE (National Stock Exchange) ने FY26 की चौथी तिमाही (मार्च) के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं, जिसमें शानदार **8%** का Profit ग्रोथ दर्ज किया गया है। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू भी **32%** बढ़कर **₹4,968 करोड़** पर पहुंच गया।

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Q4 में शानदार परफॉरमेंस, पर पूरे साल की कमाई में गिरावट

NSE ने अपनी मार्च तिमाही के नतीजे पेश किए हैं, जहां कंपनी ने 8% की जोरदार ग्रोथ के साथ ₹2,871 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। कंपनी का रेवेन्यू भी 32% बढ़कर ₹4,968 करोड़ रहा। इस कमाल की परफॉरमेंस का मुख्य कारण कैश और डेरिवेटिव्स सेगमेंट में ट्रेडिंग वॉल्यूम में आई 39% की तेजी रही, जिसने ट्रांजेक्शन फीस को ₹4,077 करोड़ तक पहुंचा दिया। ऑपरेटिंग EBITDA में भी 30% का इजाफा देखा गया, जो ₹3,633 करोड़ पर पहुंच गया।

पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे और खर्च

हालांकि, पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 की बात करें तो तस्वीर थोड़ी अलग दिखती है। 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए साल के लिए NSE का नेट प्रॉफिट 15% घटकर ₹10,302 करोड़ रह गया, वहीं रेवेन्यू भी 3% गिरकर ₹16,601 करोड़ पर आ गया। यह गिरावट धीमी मार्केट एक्टिविटी और डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग को प्रभावित करने वाले रेगुलेटरी बदलावों का नतीजा है। तिमाही के दौरान कंपनी का खर्च 32% बढ़कर ₹1,486 करोड़ हो गया, जिसके चलते मार्जिन थोड़ा घटकर 73% रह गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 74% था।

IPO की तैयारी और मार्केट में NSE की पोजिशन

NSE अपने प्रतिद्वंदी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) की तुलना में मार्केट में अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है। BSE के हालिया नतीजे अच्छे रहे हैं, लेकिन उसका स्टॉक ऊंचे P/E रेश्यो पर ट्रेड कर रहा है। NSE की प्री-IPO वैल्यूएशन करीब ₹4.7 लाख करोड़ आंकी गई है, और इसके IPO के लिए $65 बिलियन से $75 बिलियन तक के वैल्यूएशन की उम्मीद है। दुनिया भर के प्रमुख एक्सचेंज जैसे Intercontinental Exchange (ICE) और London Stock Exchange Group (LSEG) ने भी मजबूत तिमाही नतीजे पेश किए हैं। भारतीय IPO मार्केट फिलहाल चुनिंदा साबित हो रहा है, और कई नए लिस्टिंग अपने इश्यू प्राइस से नीचे ट्रेड कर रहे हैं, जो केवल मुनाफा कमाने वाली कंपनियों को तरजीह दे रहा है। NSE का प्लान किया गया IPO भारत के सबसे बड़े IPO में से एक होने की उम्मीद है।

रेगुलेटरी मामले और भविष्य की राह

NSE लगातार पुराने रेगुलेटरी मामलों को सुलझाने में जुटी है। मार्च तिमाही में, एक्सचेंज ने को-लोकेशन और डार्क फाइबर केस सेटलमेंट के लिए ₹84 करोड़ अलग रखे हैं। इन मामलों के लिए ₹1,491.21 करोड़ की संशोधित शर्तें भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) को सौंपी गई हैं। इन मामलों के कारण अक्टूबर 2024 में ₹643 करोड़ के पेनल्टी सेटलमेंट सहित बड़ी प्रोविज़न की गई है। SEBI से IPO की मंजूरी के लिए इन सभी मामलों का पूरा खुलासा जरूरी है, लेकिन सेटलमेंट प्रक्रिया से लिस्टिंग में देरी की उम्मीद नहीं है। FY26 में सालाना कमाई में गिरावट इस बात को रेखांकित करती है कि मुख्य व्यवसाय की ग्रोथ में मंदी आई है, जबकि IPO मार्केट में सतर्कता बढ़ रही है। NSE अपनी IPO योजनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है, जिसका लक्ष्य जून 2026 तक ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल करना और साल के अंत तक लिस्टिंग करना है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.