National Stock Exchange (NSE) की आज BSE और MSEI पर शानदार शुरुआत हुई है। ₹22,562 करोड़ के IPO के बाद कंपनी ₹4.42 लाख करोड़ के मार्केट कैप के साथ देश का दूसरा लिस्टेड स्टॉक एक्सचेंज बन गया है।
बाजार में नई हलचल
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) अब पब्लिकली ट्रेडेड कंपनी बन गया है। इस लिस्टिंग के साथ ही ₹22,562 करोड़ का हाई-प्रोफाइल IPO पूरा हुआ, जिसे निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था और यह करीब 6 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसके साथ ही NSE, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के बाद देश का दूसरा लिस्टेड एक्सचेंज बन गया है।
वैल्यूएशन का गणित
NSE ने ₹4.42 लाख करोड़ के भारी-भरकम वैल्यूएशन के साथ बाजार में कदम रखा है। तुलना के लिए देखें तो BSE का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹1.33 लाख करोड़ है, जो NSE की विशाल पहुंच को दर्शाता है। एंकर राउंड में 150 से ज्यादा निवेशकों ने हिस्सा लिया, जिनमें सिंगापुर का सॉवरेन वेल्थ फंड GIC और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे बड़े नाम शामिल थे। हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) फिलहाल ₹83 प्रति शेयर के आसपास बना हुआ है।
निवेशकों के लिए अहम जानकारी
खास बात यह है कि रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के तहत NSE अपने ही प्लेटफॉर्म पर अपने शेयर लिस्ट नहीं कर सकता। इसलिए, निवेशकों को ट्रेडिंग के लिए BSE और MSEI पर निर्भर रहना होगा। इसके अलावा, कुछ बड़े शेयरधारकों पर एग्जिट रिस्ट्रिक्शंस (Exit Restrictions) भी हैं, जिसकी वजह से शुरुआती ट्रेडिंग सेशन में शेयर की सप्लाई सीमित रह सकती है और इसमें वोलेटिलिटी देखने को मिल सकती है। निवेशकों को अब BSE और MSEI पर वॉल्यूम और प्राइस मूवमेंट पर बारीकी से नजर रखनी होगी।
