शेयर बाजार के दिग्गज National Stock Exchange (NSE) ने अपना बहुप्रतीक्षित IPO लॉन्च कर दिया है। ₹22,569 करोड़ के इस बड़े इश्यू के लिए सब्सक्रिप्शन 17 सितंबर, 2026 से शुरू होगा।
NSE ने अपने मेगा IPO का एलान कर दिया है, जिसके जरिए कंपनी ₹22,569 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। निवेशक इस इश्यू को 17 सितंबर से 21 सितंबर, 2026 तक सब्सक्राइब कर सकेंगे। कंपनी ने इसके लिए प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर तय किया है।
खास बात यह है कि यह पूरा IPO एक 'ऑफर-फॉर-सेल' (OFS) है। इसका मतलब है कि पूरा पैसा मौजूदा शेयरधारकों की जेब में जाएगा, न कि कंपनी के बिजनेस विस्तार में। एक दिलचस्प नियम के तहत, चूंकि कोई भी एक्सचेंज खुद को अपने ही प्लेटफॉर्म पर लिस्ट नहीं कर सकता, इसलिए NSE के शेयर BSE पर लिस्ट होंगे।
मार्केट दबदबा और रिस्क फैक्टर्स
NSE का भारतीय बाजार में जलवा है और यह 93% कैश इक्विटी टर्नओवर को हैंडल करता है। हालांकि, इसकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा यानी 46% से 60% तक रेवेन्यू डेरिवेटिव्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग से आता है। यही इसकी सबसे बड़ी ताकत और सबसे बड़ा रिस्क भी है, क्योंकि रेगुलेटरी बदलाव या ट्रेडिंग पर सख्ती सीधे इसके मुनाफे को प्रभावित करती है। अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि कंपनी इलेक्ट्रिसिटी फ्यूचर्स और गोल्ड रिसिप्ट्स जैसे नए प्रोडक्ट्स के जरिए खुद को कितना डायवर्सिफाई कर पाती है।
फाइनेंशियल सेहत पर नजर
मार्च 2026 में खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर में NSE के प्रदर्शन में थोड़ी सुस्ती दिखी है। कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 3.15% घटकर ₹16,601.31 करोड़ रह गया, जबकि नेट प्रॉफिट में 15.47% की गिरावट दर्ज की गई, जो ₹10,302.06 करोड़ रही। निवेशकों के लिए अब इंस्टीट्यूशनल सब्सक्रिप्शन और लिस्टिंग डे का परफॉर्मेंस सबसे अहम होगा।
