नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बहुप्रतीक्षित IPO को SEBI की मंजूरी मिल गई है। ₹30,000 करोड़ का यह बड़ा इश्यू 15 सितंबर के आसपास खुलने की उम्मीद है। ग्रे मार्केट में अभी से ₹285 का प्रीमियम चल रहा है, जिससे निवेशकों का उत्साह काफी बढ़ा हुआ है।
क्या है ऑफर की स्ट्रक्चर?
यह पूरा IPO 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) रूट के जरिए लाया जा रहा है। इसका मतलब यह है कि कंपनी बाजार से कोई नया फंड नहीं जुटा रही है, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपने 6% हिस्सेदारी बेच रहे हैं। कुल 14.89 करोड़ शेयर बिक्री के लिए रखे जाएंगे, जिसमें State Bank of India (SBI) और Bank of Baroda जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
ग्रे मार्केट का जोश
फिलहाल ग्रे मार्केट में इस स्टॉक को लेकर काफी हलचल है और प्रीमियम ₹285 के आसपास ट्रेड कर रहा है। हालांकि, निवेशकों को यह समझना चाहिए कि ग्रे मार्केट का प्रीमियम अस्थिर होता है और यह लिस्टिंग गेन्स की गारंटी नहीं देता। असली वैल्यूएशन का पता तब चलेगा जब कंपनी अपना 'रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस' (RHP) जारी करेगी।
रिस्क और मार्केट का नज़रिया
NSE का बिजनेस काफी हद तक ट्रेडिंग वॉल्यूम और F&O (Futures & Options) सेगमेंट पर निर्भर करता है। रेगुलेटरी बदलावों का असर सीधे कंपनी के रेवेन्यू पर पड़ सकता है, इसलिए निवेश करने से पहले इन पहलुओं पर नजर रखना जरूरी है।
आगे क्या होगा?
SEBI की मंजूरी के बाद, उम्मीद है कि यह IPO 15 सितंबर के आसपास सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और इसकी लिस्टिंग 25 सितंबर तक हो सकती है। निवेशकों को अब कंपनी की तरफ से आधिकारिक 'प्राइस बैंड' और अलॉटमेंट की शर्तों का इंतजार है।
