National Stock Exchange का ₹22,569 करोड़ का IPO दूसरे दिन 1.16 गुना सब्सक्राइब हो गया है। इसमें संस्थागत निवेशकों की भारी दिलचस्पी देखी जा रही है।
बाजार की हलचल
NSE के इस मेगा IPO को निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। दूसरे दिन तक कुल 10.28 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिलीं, जबकि ऑफर का साइज 8.86 करोड़ शेयर है। यह इश्यू इस साल का दूसरा सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बनने की राह पर है।
सब्सक्रिप्शन का गणित
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) ने इस इश्यू में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है, जो क्रमशः 1.53 गुना और 1.68 गुना सब्सक्राइब हुए हैं। रिटेल निवेशकों ने भी अपनी भागीदारी दिखाई है, जिससे उनका कोटा 72% भर चुका है।
IPO की संरचना और खास बातें
यह पूरा इश्यू 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) है। इसका मतलब है कि पैसा कंपनी के विस्तार में नहीं जाएगा, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। एंकर इन्वेस्टर्स के जरिए कंपनी पहले ही ₹6,746 करोड़ जुटा चुकी है, जिसमें LIC, Goldman Sachs, Fidelity और GIC Singapore जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
पुरानी चुनौतियों से आगे की राह
एक दशक से चले आ रहे को-लोकेशन विवाद और रेगुलेटरी बाधाओं के बाद, NSE ने आखिरकार पब्लिक होने का सफर तय किया है। कंपनी ने अपने IPO साइज को पहले के ₹30,000 करोड़ से कम करके ₹22,569 करोड़ किया है। ₹1,700 से ₹1,785 के प्राइस बैंड पर कंपनी की कुल वैल्यूएशन ₹4.42 लाख करोड़ बैठती है।
निवेशकों के लिए यह जानना जरूरी है कि बोली लगाने की आखिरी तारीख 21 सितंबर है और शेयर 24 सितंबर को मार्केट में लिस्ट हो सकते हैं।
