National Stock Exchange (NSE) का **₹22,569 करोड़** का मेगा IPO मार्केट में खुलते ही छा गया है। पहले दिन ही निवेशकों ने जमकर दांव लगाया और इश्यू को **42%** सब्सक्राइब कर दिया। यह IPO **21 सितंबर** तक खुला रहेगा।
पहले दिन का रुझान
NSE का IPO मार्केट में निवेश के लिए खुल चुका है। पहले दिन की क्लोजिंग तक, 3.7 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुई हैं, जबकि कुल 8.86 करोड़ शेयर ऑफर पर हैं। रिटेल निवेशकों से लेकर नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) तक, सभी कैटेगरी में हलचल देखी गई। NIIs का कोटा सबसे आगे रहा और 70% तक भर चुका है, जबकि रिटेल निवेशकों ने 42% सब्सक्रिप्शन दिखाया है।
एंकर बुक और वैल्युएशन का गणित
IPO के पब्लिक होने से पहले ही एक्सचेंज ने एंकर निवेशकों से $70.30 करोड़ जुटाए हैं, जिसमें नॉर्वे और अबू धाबी के सॉवरेन वेल्थ फंड शामिल हैं। यह इश्यू पूरी तरह से 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) है, यानी कंपनी कोई नया फंड नहीं जुटा रही है, बल्कि पुराने शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। एक्सचेंज की वैल्युएशन करीब $46 बिलियन आंकी गई है, जो कि प्री-IPO रोडशो के अनुमान से 15% से 20% कम है। इस डिस्काउंटेड प्राइसिंग को निवेशकों को आकर्षित करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
रेगुलेटरी चुनौतियां
हालांकि NSE का मार्केट में दबदबा बरकरार है, लेकिन SEBI के सख्त नियमों ने चिंताएं बढ़ा दी हैं। इंडेक्स ऑप्शंस की साप्ताहिक एक्सपायरी (Weekly Expiry) को एक दिन तक सीमित करने और अप्रैल 2026 में बढ़ाए गए सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) का सीधा असर ट्रेडिंग वॉल्यूम पर पड़ सकता है। इन चुनौतियों के बावजूद, निवेशकों की नजरें अब आने वाले दिनों में इंस्टीट्यूशनल पार्टिसिपेशन पर टिकी हैं।
