National Stock Exchange (NSE) के बहुप्रतीक्षित IPO के लिए प्राइस बैंड **₹1,700** से **₹1,785** तय किया गया है। कुल **₹22,562 करोड़** के इस इश्यू में एंकर निवेशकों के लिए बोली **16 सितंबर** से शुरू होगी, जबकि आम निवेशक **17 सितंबर** से पैसा लगा सकेंगे।
एंकर निवेशकों पर टिकी नजरें
बाजार की दिग्गज एक्सचेंज के इस IPO के लिए एंकर बुक का खुलना एक बड़े इवेंट की तरह देखा जा रहा है। घरेलू और विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की इसमें गहरी दिलचस्पी है। गौरतलब है कि Life Insurance Corporation of India (LIC) की कंपनी में 10.72% हिस्सेदारी है, लेकिन LIC ने स्पष्ट किया है कि वह अपना कोई भी शेयर इस ऑफर में नहीं बेच रही है।
OFS का गणित और फाइनेंशियल सेहत
यह पूरा IPO 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) मोड में है। इसका मतलब है कि इसमें कंपनी के 10 मौजूदा शेयरहोल्डर्स अपने 12.64 करोड़ शेयर बेच रहे हैं। निवेशक इस बात को ध्यान में रखें कि इस इश्यू से जुटाया गया पैसा कंपनी के विस्तार या कामकाज में खर्च नहीं होगा, बल्कि सीधा बेचने वाले शेयरहोल्डर्स की जेब में जाएगा।
फाइनेंशियल ईयर 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें, तो कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹10,302 करोड़ रहा है, जिसमें पिछले साल के मुकाबले 15% की गिरावट आई है। हालांकि, कैश मार्केट में 93% से ज्यादा मार्केट शेयर के साथ NSE अभी भी अपनी बादशाहत कायम रखे हुए है।
रिस्क और रेगुलेटरी चुनौतियां
NSE अब BSE पर खुद लिस्ट होने की तैयारी में है। एक फ्रंटलाइन रेगुलेटर होते हुए पब्लिक लिस्टेड कंपनी बनना इसके लिए एक नया अनुभव होगा। निवेशकों को भविष्य में बढ़ते कॉम्पिटिशन और रेगुलेटरी बदलावों पर नजर रखनी होगी, क्योंकि इनका सीधा असर ट्रांजैक्शन वॉल्यूम और फीस स्ट्रक्चर पर पड़ सकता है। कंपनी 24 सितंबर, 2026 को शेयर बाजार में लिस्ट हो सकती है।
