निवेशकों का इंतजार खत्म हुआ! नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का IPO **17 सितंबर** से निवेश के लिए खुल रहा है। **₹22,561 करोड़** के इस बड़े इश्यू के लिए प्राइस बैंड **₹1,700 से ₹1,785** प्रति शेयर रखा गया है।
बाजार की सबसे बड़ी लिस्टिंग की तैयारी
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अपनी बहुप्रतीक्षित लिस्टिंग की तारीखों का ऐलान कर दिया है। यह IPO 17 सितंबर 2026 से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और निवेशक 21 सितंबर 2026 तक इसमें पैसा लगा सकेंगे। खास बात यह है कि रेगुलेटरी नियमों के चलते NSE अपने शेयर को खुद के प्लेटफॉर्म पर लिस्ट नहीं कर सकता, इसलिए इसकी लिस्टिंग केवल बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर होगी। इसके 24 सितंबर 2026 को बाजार में लिस्ट होने की उम्मीद है।
ऑफर फॉर सेल (OFS) की सच्चाई
यह IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है, जिसका मतलब है कि कंपनी को इस इश्यू से कोई नया फंड नहीं मिलेगा। मौजूदा प्रमोटर्स और शेयरहोल्डर्स अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। इसमें State Bank of India (SBI) भी शामिल है, जो अपने लगभग 1.60 करोड़ शेयर बेचेगा।
मजबूत फाइनेंशियल और प्रॉफिट
वित्तीय वर्ष 2026 में NSE का नेट प्रॉफिट ₹10,302 करोड़ रहा है। कंपनी की कमाई का मुख्य जरिया ट्रांजैक्शन चार्जेज हैं, जिससे यह देश के इक्विटी और डेरिवेटिव्स मार्केट में अपना दबदबा बनाए हुए है।
रिस्क और ध्यान रखने वाली बातें
निवेशकों को यह समझना चाहिए कि कंपनी की कमाई सीधे बाजार की ट्रेडिंग वॉल्यूम पर निर्भर करती है। यदि भविष्य में डेरिवेटिव्स रेगुलेशन में कोई सख्त बदलाव होता है, तो इसका असर सीधे कंपनी के प्रॉफिट पर पड़ सकता है। साथ ही, साइबर सुरक्षा के खतरों और मार्केट रेगुलेशंस के प्रति कंपनी की संवेदनशीलता पर भी नजर रखना जरूरी है। चूंकि ये शेयर पहले किसी फॉर्मल बाजार में लिस्ट नहीं थे, इसलिए लिस्टिंग के बाद इनकी लिक्विडिटी और प्राइस स्टेबिलिटी को लेकर अभी कोई पुराना डेटा मौजूद नहीं है।
