National Stock Exchange (NSE) अपना बहुप्रतीक्षित IPO लेकर आ रहा है। ₹22,561 करोड़ के इस इश्यू के लिए प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 तय किया गया है, जो 17 सितंबर से 21 सितंबर, 2026 तक खुला रहेगा।
भारत के सबसे बड़े एक्सचेंज, National Stock Exchange (NSE) के IPO की तैयारी पूरी हो चुकी है। ₹22,561.5 करोड़ के इस मेगा इश्यू में पूरा हिस्सा ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत आएगा। निवेशकों के पास 17 से 21 सितंबर, 2026 तक पैसा लगाने का मौका होगा और 24 सितंबर को शेयर की लिस्टिंग Bombay Stock Exchange (BSE) पर होने की उम्मीद है।
वैल्युएशन और बिजनेस का गणित
ऊपरी प्राइस बैंड ₹1,785 पर कंपनी की मार्केट कैप लगभग ₹4.42 लाख करोड़ आंकी गई है। NSE का दबदबा बाजार में कितना है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कैश सेगमेंट में इसकी हिस्सेदारी 90% से ज्यादा है। हालांकि, अब मैनेजमेंट का जोर ट्रांजैक्शन फीस पर निर्भरता कम करने पर है। फिलहाल, कुल रेवेन्यू में ट्रांजैक्शन चार्ज की हिस्सेदारी घटकर 70% रह गई है, जबकि डेटा सर्विसेज और इंडेक्स लाइसेंसिंग जैसे नॉन-ट्रांजैक्शनल स्रोतों से 11% आय हो रही है।
निवेश के जोखिम और चुनौतियां
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि एक्सचेंज की कमाई का बड़ा हिस्सा F&O सेगमेंट से आता है। अगर SEBI भविष्य में F&O ट्रेडिंग को लेकर और सख्ती करता है, तो इसका सीधा असर मुनाफे पर पड़ सकता है। इसके अलावा, कंपनी का पुराना गवर्नेंस और लिटिगेशन का इतिहास भी निवेशकों के लिए एक विचारणीय पहलू है। साथ ही, बाजार की अस्थिरता और ट्रेडिंग वॉल्यूम में उतार-चढ़ाव भी कंपनी के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस को सीधे प्रभावित करते हैं।
यह IPO भारतीय बाजार के इतिहास के सबसे बड़े ऑफर्स में से एक है। इसकी सफलता और सब्सक्रिप्शन ट्रेंड यह तय करेगा कि मार्केट का सेंटिमेंट आने वाले समय में कैसा रहने वाला है।
