National Stock Exchange (NSE) का IPO दूसरे दिन भी बाजार में अपनी पकड़ बनाए हुए है। अब तक इसे **0.52 गुना** सब्सक्रिप्शन मिल चुका है, जबकि ग्रे मार्केट में शेयर **8%** के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है।
सब्सक्रिप्शन का गणित
NSE के इस मेगा IPO में निवेशकों की दिलचस्पी स्थिर बनी हुई है। दूसरे दिन के अंत तक, कुल 8.86 करोड़ शेयरों के ऑफर के मुकाबले 4.62 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुई हैं। कैटेगरी के हिसाब से देखें तो नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने सबसे अधिक 0.91 गुना, रिटेल निवेशकों ने 0.54 गुना और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) ने 0.19 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज कराया है।
महत्वपूर्ण बातें जो आपको जाननी चाहिए
यह IPO ₹1,700 से ₹1,785 के प्राइस बैंड पर आया है, जिससे कंपनी कुल ₹22,569 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। यह पूरी तरह से एक ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसका सीधा मतलब यह है कि पैसा कंपनी के खजाने में नहीं जाएगा, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपना हिस्सा बेचकर मुनाफावसूली कर रहे हैं।
वैल्युएशन और जोखिम
NSE का वैल्युएशन वित्त वर्ष 2026 की अनुमानित कमाई के हिसाब से 40.9x से 42.9x के P/E मल्टीपल पर है। अगर इसकी तुलना BSE से करें, जो 54.28x के पी/ई पर कारोबार कर रहा है, तो यह आकर्षक लग सकता है। हालांकि, निवेशकों को यह याद रखना चाहिए कि NSE का 79% रेवेन्यू ट्रेडिंग वॉल्यूम पर निर्भर है। बाजार में भारी उतार-चढ़ाव या रेगुलेटरी बदलाव कंपनी के प्रदर्शन पर सीधा असर डाल सकते हैं।
निवेश के लिए आवेदन विंडो 21 सितंबर तक खुली है। अलॉटमेंट प्रक्रिया 22 सितंबर को पूरी होगी और 24 सितंबर तक शेयरों की लिस्टिंग की उम्मीद है। इस प्रक्रिया को Morgan Stanley India, Citigroup और HDFC Bank जैसे बड़े लीड मैनेजर्स संभाल रहे हैं।
