शेयर बाजार में आज सुस्ती के बीच NSE ने धमाकेदार शुरुआत की है। कंपनी का शेयर अपने **₹1,785** के IPO प्राइस के मुकाबले **₹1,818** पर लिस्ट हुआ। जहां पूरे मार्केट में हाहाकार मचा था और Sensex **1,200** अंक से ज्यादा टूटा, वहीं NSE ने अपनी बढ़त बरकरार रखी।
बाजार की उठापटक में NSE की धाक
NSE की बाजार में एंट्री ऐसे समय पर हुई जब पूरा मार्केट दबाव में था। Sensex आज 1,247 अंक या 1.67% फिसलकर 73,580.54 पर बंद हुआ, वहीं Nifty 50 भी 23,063.10 पर आकर थमा। इसका सीधा असर कंपीटीटर Bombay Stock Exchange (BSE) पर भी पड़ा, जिसके शेयर 2.66% गिरकर ₹3,183.80 पर बंद हुए।
IPO की इनसाइड स्टोरी
इस लिस्टिंग तक पहुंचने के लिए कंपनी ने अपनी वैल्यूएशन उम्मीदों को थोड़ा एडजस्ट किया और फाइनल इश्यू साइज ₹22,562 करोड़ तय किया। यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) था, जिसमें State Bank of India और Canada Pension Plan Investment Board जैसे बड़े संस्थानों ने अपनी हिस्सेदारी बेची। निवेशकों का भरोसा इस पर साफ दिखा, क्योंकि यह इश्यू 5.71 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
आगे क्या है निवेशकों के लिए?
अब NSE के शेयरहोल्डर्स की नजर सीधे कंपनी के बिजनेस मॉडल पर होगी। NSE की कमाई मुख्य रूप से ट्रेडिंग वॉल्यूम और ट्रांजैक्शन चार्जेस पर टिकी है। SEBI के रेगुलेटरी बदलाव, जैसे कि ट्रांजैक्शन फीस में कटौती या मार्केट ऑपरेशंस में बदलाव, सीधे कंपनी के मुनाफे को प्रभावित कर सकते हैं। अब जबकि NSE एक पब्लिक कंपनी बन गई है, निवेशकों को यह देखना होगा कि यह एक्सचेंज बढ़ती प्रतिस्पर्धा और रेगुलेटरी माहौल को कैसे मैनेज करता है और वॉल्यूम के अलावा अन्य स्रोतों से अपनी आय कैसे बढ़ाता है।
