NSE IPO: रिकॉर्ड तोड़ तैयारी! ₹6-7 ट्रिलियन वैल्यूएशन का लक्ष्य, शेयरधारकों के लिए खुला दांव

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AuthorNeha Patil|Published at:
NSE IPO: रिकॉर्ड तोड़ तैयारी! ₹6-7 ट्रिलियन वैल्यूएशन का लक्ष्य, शेयरधारकों के लिए खुला दांव
Overview

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) अपने बहुप्रतीक्षित इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए पूरी तरह तैयार है। SEBI से ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद, एक्सचेंज अब शेयरधारकों से शेयर टेंडर करने के लिए बोलियां मांग रहा है। कंपनी का लक्ष्य **₹6-7 ट्रिलियन** का वैल्यूएशन हासिल करना है और इस बड़े कदम के लिए रिकॉर्ड **20 मर्चेंट बैंकरों** की टीम तैयार की गई है।

रेगुलेटरी बाधाओं का अंत और IPO की राह

NSE का IPO पिछले लगभग एक दशक से लंबित था, मुख्य रूप से को-लोकेशन स्कैंडल जैसे रेगुलेटरी मुद्दों के कारण। सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने जनवरी/2026 में एक 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) जारी किया, जो एक महत्वपूर्ण कदम था। यह मंजूरी NSE द्वारा अक्टूबर 2024 में को-लोकेशन मामले में ₹643 करोड़ का जुर्माना भरने के बाद मिली। SEBI ने कुछ और कमियां पाई हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए NSE को 24 महीने का समय दिया गया है। दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही में NSE का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल की तुलना में 37% घटकर ₹2,408 करोड़ रहा, हालांकि यह पिछली तिमाही से 15% बढ़ा था। एक्सचेंज मौजूदा शेयरधारकों को लिक्विडिटी (liquidity) प्रदान करने के लिए ऑफर-फॉर-सेल (offer-for-sale) के साथ आगे बढ़ रहा है।

रिकॉर्ड 20 मर्चेंट बैंकरों की फौज

NSE ने अपने अपकमिंग IPO के लिए रिकॉर्ड 20 मर्चेंट बैंकरों को नियुक्त किया है, जो भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास में पहली बार हुआ है। यह बड़ी टीम जटिल और हाई-स्टेक्स डील को मैनेज करने के NSE के इरादे को दर्शाती है। इस सिंडिकेट में Kotak Mahindra Capital, JM Financial, Axis Capital, Morgan Stanley India, JPMorgan India जैसे कई बड़े घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्लेयर शामिल हैं।

₹6-7 ट्रिलियन के वैल्यूएशन का लक्ष्य

NSE का लक्ष्य अपने IPO के लिए ₹6-7 ट्रिलियन का वैल्यूएशन हासिल करना है, जो इसे भारत की सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनियों में से एक बनाएगा। IPO का आकार अनुमानित ₹28,000 करोड़ से ₹38,000 करोड़ तक हो सकता है, जो लगभग 4.5% से 5% इक्विटी के विनिवेश (divestment) का प्रतिनिधित्व करता है। अनलिस्टेड (unlisted) शेयरों के आधार पर, 2026 की शुरुआत में मार्केट कैप ₹4.64 लाख करोड़ और ₹4.90 लाख करोड़ के बीच था। इसकी तुलना में, प्रतिद्वंद्वी BSE लिमिटेड का मार्केट कैप ₹1.11-1.13 लाख करोड़ है। NSE का मजबूत मार्केट शेयर (93% कैश इक्विटी में, 57% डेरिवेटिव्स में) और विविध रेवेन्यू स्ट्रीम (revenue streams) इसे प्रीमियम वैल्यूएशन (premium valuation) दिलाते हैं।

बाजार की अस्थिरता और जोखिम

IPO को मौजूदा बाजार की अस्थिरता (market volatility) से चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical tensions) के कारण विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजारों से पैसे निकाले हैं, जिससे मार्च 2026 में Sensex और Nifty 50 जैसे प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट आई है। इसने प्राइमरी मार्केट (primary market) को प्रभावित किया है, और 2026 में कई IPOs का प्रदर्शन खराब रहा है। NSE के मुनाफे में गिरावट भी इस कठिन माहौल को दर्शाती है। इतने सालों की देरी के बाद एक बड़ा IPO लाना जोखिम भरा हो सकता है, खासकर बाजार की अनिश्चितता के बीच निवेशकों की उम्मीदों को प्रबंधित करना।

भविष्य की ओर: तूफानी बाजार में भी दबदबा

बाजार की उथल-पुथल के बावजूद, विश्लेषक NSE के भविष्य को लेकर सतर्क रूप से आशावादी (cautiously optimistic) हैं। NSE की प्रमुख बाजार स्थिति (dominant market position) और भारत की आर्थिक वृद्धि इसके विस्तार के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती है। जैसे-जैसे रेगुलेटरी मुद्दे सुलझ रहे हैं, NSE का प्रदर्शन बेहतर हो सकता है, और बाजार की अस्थिरता ट्रेडिंग वॉल्यूम को बढ़ा भी सकती है। अपने लक्षित वैल्यूएशन पर एक सफल IPO, भारत के पूंजी बाजारों के लिए एक ऐतिहासिक घटना होगी, जो NSE की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करेगा।

Disclaimer:This content is for informational purposes only and does not constitute financial or investment advice. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making decisions. Investments are subject to market risks, and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors are not liable for any losses. Accuracy and completeness are not guaranteed, and views expressed may not reflect the publication’s editorial stance.