डिजिटल लेंडर Moneyview का **₹1,092 करोड़** का IPO दूसरे दिन ही रफ्तार पकड़ चुका है। रिटेल और नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की जबरदस्त मांग के चलते अब तक इसे **2.8 गुना** सब्सक्राइब किया जा चुका है।
IPO की मजबूत शुरुआत
Moneyview के IPO में निवेशकों का उत्साह देखने लायक है। शुक्रवार दोपहर तक कंपनी को 23.25 मिलियन शेयरों के मुकाबले करीब 65 मिलियन शेयरों के लिए बोलियां मिल चुकी हैं। यह पब्लिक इश्यू 28 सितंबर को बंद होने वाला है, जिसके बाद बड़े इंस्टीट्यूशनल प्लेयर्स की भागीदारी पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
फंड का इस्तेमाल कहां होगा?
इस IPO का मुख्य हिस्सा ₹750 करोड़ का फ्रेश इश्यू है। कंपनी ने अपनी योजना साफ कर दी है: इसमें से ₹325 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज देने के काम में तेजी लाने के लिए किया जाएगा, जबकि ₹250 करोड़ की राशि कंपनी की NBFC सब्सिडियरी की कैपिटल बेस को मजबूत बनाने में लगाई जाएगी। डिजिटल लेंडिंग के प्रतिस्पर्धी दौर में यह पूंजी कंपनी के लोन बुक को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाएगी।
रिस्क और संभावनाएं
साल 2014 में शुरू हुई Moneyview अब अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई कर रही है। अब कंपनी सिर्फ पर्सनल लोन तक सीमित नहीं है, बल्कि होम लोन, अर्न्ड वेज एक्सेस और डिजिटल गोल्ड जैसे क्षेत्रों में भी कदम रख रही है। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अनसेक्योर्ड लेंडिंग और पर्सनल लोन सेगमेंट को लेकर काफी सख्त है। ऐसे में कंपनी की एसेट क्वालिटी और नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) को ट्रैक करना आपके लिए बेहद जरूरी है।
