Moneyview का **₹1,092 करोड़** का IPO बंद हो गया है। अंतिम दिन निवेशकों की भारी दिलचस्पी के चलते यह **10.43** गुना सब्सक्राइब हुआ है। अब बाजार की नजर **1 अक्टूबर** को होने वाली लिस्टिंग पर टिकी है।
बाजार में दिखा निवेशकों का उत्साह
बेंगलुरु स्थित डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म Moneyview का IPO, जो ₹1,092 करोड़ का है, 28 सितंबर को क्लोज हो गया। निवेशकों की जबरदस्त भागीदारी के साथ, कुल बोलियां ऑफर किए गए शेयरों से 10.43 गुना ज्यादा रही हैं। खासकर नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) का रिस्पॉन्स काफी दमदार रहा, जिनका कोटा 30 गुना से अधिक भरा है।
शानदार फाइनेंशियल ग्रोथ
कंपनी के हालिया आंकड़े काफी मजबूत दिख रहे हैं। जून 2026 की तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹173.8 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹67.2 करोड़ था। यह तेजी डिजिटल लेंडिंग स्पेस में कंपनी की बढ़ती पकड़ को दर्शाती है।
फंड का इस्तेमाल और रणनीति
कंपनी ने फंड के इस्तेमाल का पूरा प्लान तैयार कर रखा है:
- ₹325 करोड़: लोन वितरण और डिफॉल्ट लॉस गारंटी के लिए।
- ₹250 करोड़: अपनी सब्सिडियरी Whizdm Finance में कैपिटल रिजर्व मजबूत करने के लिए।
निवेश से पहले रिस्क फैक्टर
भले ही एंकर बुक में SBI Mutual Fund, Goldman Sachs और ICICI Prudential AMC जैसे दिग्गज नाम शामिल हैं, लेकिन डिजिटल लेंडिंग सेक्टर के अपने रिस्क भी हैं। रेगुलेटरी नियम और लोन बुक की क्वालिटी लिस्टिंग के बाद कंपनी के प्रदर्शन पर बड़ा असर डाल सकते हैं।
फिलहाल ग्रे मार्केट में 32 से 34 रुपये के प्राइस बैंड पर 41 प्रतिशत का प्रीमियम दिख रहा है, जो कि पूरी तरह से अनऑफिशियल है। असली तस्वीर 1 अक्टूबर को BSE और NSE पर लिस्टिंग के दिन ही साफ होगी।
