Moneyview IPO: निवेशकों ने दिखाया भरोसा, 14.24 गुना सब्सक्राइब हुआ इश्यू

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Moneyview IPO: निवेशकों ने दिखाया भरोसा, 14.24 गुना सब्सक्राइब हुआ इश्यू

Moneyview का पब्लिक इश्यू कुल 14.24 गुना सब्सक्राइब होकर बंद हुआ है, जिसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) ने जमकर दांव लगाया है। ग्रे मार्केट के संकेत **38%** तक के लिस्टिंग गेन की तरफ इशारा कर रहे हैं।

डिमांड में दिखा बड़ा अंतर

₹1,091.68 करोड़ के इस पब्लिक इश्यू को लेकर निवेशकों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रिया रही। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs), जिनमें हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स शामिल हैं, ने 42.48 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ सबसे ज्यादा जोश दिखाया। वहीं, संस्थागत निवेशक (Institutional Investors) काफी सतर्क दिखे और उनका कोटा सिर्फ 0.27 गुना ही भर पाया। रिटेल निवेशकों ने भी स्थिर भागीदारी दिखाई और 9.88 गुना कोटा सब्सक्राइब किया। ग्रे मार्केट का प्रीमियम 38% पर चल रहा है, लेकिन लिस्टिंग वाले दिन बाजार का मिजाज तय करेगा कि निवेशक क्या मुनाफा कमाएंगे।

फंड का इस्तेमाल कैसे होगा?

Moneyview मुख्य रूप से 'मिडिल इंडिया' के उन ग्राहकों को टारगेट करती है जिनका क्रेडिट स्कोर कम है या जो बैंकिंग सिस्टम की मुख्य धारा से दूर हैं। IPO से जुटाई गई राशि का ₹325 करोड़ डिफॉल्ट लॉस गारंटी (DLG) के तहत लोन देने के लिए इस्तेमाल होगा। वहीं, कंपनी की सब्सिडियरी, Whizdm Finance Private Limited को अपनी कैपिटल बेस मजबूत करने के लिए ₹250 करोड़ दिए जाएंगे।

आगे की चुनौतियां

निवेशकों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी अपने एसेट क्वालिटी और ग्रोथ के बीच कैसा तालमेल बिठाती है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) डिजिटल लेंडिंग सेक्टर पर लगातार कड़े नियम लागू कर रहा है, जिससे भविष्य में रेगुलेटरी अनुपालन एक बड़ी चुनौती हो सकती है। इसके अलावा, DLG व्यवस्था पर निर्भरता के चलते अगर लोन डिफॉल्ट बढ़ते हैं, तो इसका सीधा असर कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ पर पड़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.