SEBI के पास फाइल किए गए DRHP के मुताबिक, Moneyview का यह ₹1,500 करोड़ का IPO फ्रेश इश्यू और मौजूदा शेयरधारकों द्वारा ऑफर फॉर सेल (OFS) का एक मिक्स होगा। कंपनी इस पैसे से मुख्य रूप से Default Loss Guarantee (DLG) अरेंजमेंट्स के जरिए लोन (Loan) बांटने के लिए ₹650 करोड़ का इस्तेमाल करेगी। वहीं, ₹450 करोड़ का बड़ा हिस्सा अपनी सब्सिडियरी Whizdm Finance Private Limited (WFPL) के कैपिटल बेस (Capital Base) को मजबूत करने में लगाया जाएगा। बाकी रकम का उपयोग जनरल कॉर्पोरेट पर्पस (General Corporate Purposes) के लिए किया जाएगा।
कंपनी का AUM (Assets Under Management) ₹19,814 करोड़ है और यह FY2022 से लगातार प्रॉफिटेबल (Profitable) रही है। FY2025 में इसका Profit Before Tax (PBT) 61% बढ़ा है, और India Ratings ने हाल ही में इसकी क्रेडिट रेटिंग को 'IND A-/Stable' किया है।
यह IPO ऐसे समय में आ रहा है जब फिनटेक (Fintech) सेक्टर में IPO मार्केट थोड़ा慎重 (cautious) हो गया है। आजकल इन्वेस्टर्स (Investors) उन्हीं कंपनियों में पैसा लगा रहे हैं जो साफ रेवेन्यू ग्रोथ (Revenue Growth) दिखा रही हैं, जिनका गवर्नेंस (Governance) मजबूत है और जो प्रॉफिटेबल (Profitable) हैं। 'ग्रोथ एट ऑल कॉस्ट' (Growth at all costs) वाले दौर से निकलकर अब सस्टेनेबल यूनिट इकोनॉमिक्स (Sustainable unit economics) पर जोर है।
Moneyview को InCred, Yubi, Paisabazaar जैसी कंपनियों से कड़ी टक्कर मिल रही है। वहीं, IPO में 13.6 करोड़ इक्विटी शेयरों तक का बड़ा ऑफर फॉर सेल (OFS) यह दिखाता है कि शुरुआती इन्वेस्टर्स (Investors) बाहर निकलने की जल्दी में हैं, जो IPO की प्राइसिंग (Pricing) पर दबाव डाल सकता है। कंपनी का लक्ष्य IPO के जरिए $1.8-2.2 बिलियन का वैल्यूएशन (Valuation) हासिल करना है।
Moneyview उन फिनटेक कंपनियों में से एक है जो 2026 में पब्लिक मार्केट (Public Market) में उतरने की उम्मीद कर रही हैं। लगातार प्रॉफिटेबल (Profitable) रहने वाली यह कंपनी IPO के लिए एक मिसाल कायम कर सकती है। इसके IPO की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी ग्रोथ (Growth) और रिस्क मैनेजमेंट (Risk Management) के बीच कैसे संतुलन बनाती है। कंपनी BSE और NSE पर लिस्ट होगी।
