Millworks Technologies का ₹160.3 करोड़ का IPO 14 जुलाई को खुलेगा। कंपनी ने प्रति शेयर ₹315-331 का प्राइस बैंड तय किया है। 2026 फाइनेंशियल ईयर में कंपनी ने ₹37.1 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है।
IPO की पूरी जानकारी
बेंगलुरु की प्रिसिजन कंपोनेंट्स बनाने वाली कंपनी Millworks Technologies ने अपने पहले इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) का ऐलान कर दिया है। यह IPO ₹160.3 करोड़ जुटाने के लिए लाया जा रहा है, जिसमें कंपनी 48.44 लाख इक्विटी शेयर बेचेगी। निवेशकों के लिए निवेश का मौका 14 जुलाई से शुरू होगा और 16 जुलाई को बंद हो जाएगा। इस ऑफर का प्राइस बैंड ₹315 से ₹331 प्रति शेयर रखा गया है, जिससे कंपनी का वैल्यूएशन लगभग ₹583 करोड़ होगा।
कंपनी का बिजनेस मॉडल
Millworks Technologies बेंगलुरु में चार मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स चलाती है। यह कंपनी एयरोस्पेस, डिफेंस, रेल ट्रांसपोर्ट और सेमीकंडक्टर जैसे सेक्टर्स के लिए पुर्जे और असेंबली बनाती है। कंपनी 'Build-to-Print' (क्लाइंट के डिज़ाइन के अनुसार) और 'Build-to-Spec' (तकनीकी ज़रूरतों के हिसाब से) दोनों मॉडलों पर काम करती है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में, कंपनी के कुल रेवेन्यू का 73% हिस्सा डोमेस्टिक सेल्स से आया, जबकि 27% एक्सपोर्ट से।
शानदार वित्तीय प्रदर्शन
कंपनी के हालिया वित्तीय नतीजे काफी उत्साहजनक रहे हैं। 2026 फाइनेंशियल ईयर के अंत तक, Millworks Technologies ने ₹37.1 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया, जो पिछले साल के ₹5.2 करोड़ के मुकाबले एक बड़ी छलांग है। रेवेन्यू भी बढ़कर ₹148.8 करोड़ हो गया, जबकि FY25 में यह ₹22.1 करोड़ था। इससे पहले भी, FY24 और FY25 के बीच कंपनी के मुनाफे में लगभग तीन गुना और रेवेन्यू में दोगुने से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी गई थी।
IPO से जुटाई रकम का इस्तेमाल
इस पब्लिक ऑफर से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी अपनी ग्रोथ स्ट्रैटेजी और रोजमर्रा के ऑपरेशंस को सपोर्ट करने के लिए करेगी। लगभग ₹61.03 करोड़ नई प्लांट और मशीनरी खरीदने पर खर्च किए जाएंगे, जिससे प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ेगी। ₹81.5 करोड़ वर्किंग कैपिटल की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए रखे जाएंगे, ताकि बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों को संभाला जा सके। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें
निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी 2021 में स्थापित होने के बाद से अपने विस्तार योजनाओं को कितनी कुशलता से मैनेज करती है। प्रोडक्शन बढ़ाते हुए प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखना IPO के बाद एक महत्वपूर्ण फैक्टर होगा। साथ ही, कंपनी का रेवेन्यू एयरोस्पेस और डिफेंस जैसे विशेष सेक्टर्स पर निर्भर करता है, इसलिए इसका प्रदर्शन इन उद्योगों में सरकारी और कॉर्पोरेट खरीद चक्रों से जुड़ा रहेगा। IPO का अंतिम नतीजा मार्केट की डिमांड और कंपनी की प्रोडक्शन लक्ष्यों को समय पर पूरा करने की क्षमता पर निर्भर करेगा।
