Millworks Tech IPO: 14 जुलाई को खुलेगा, ग्रे मार्केट में **119%** प्रीमियम!

IPO
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
Millworks Tech IPO: 14 जुलाई को खुलेगा, ग्रे मार्केट में **119%** प्रीमियम!

Millworks Technologies का ₹160.34 करोड़ का IPO 14 जुलाई, 2026 को खुलेगा। कंपनी ने शेयर का भाव ₹315 से ₹331 के बीच रखा है। प्रीशन इंजीनियरिंग फर्म को अनलिस्टेड मार्केट में जबरदस्त दिलचस्पी मिली है, जहां शेयर **119%** के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। निवेशकों को यह ध्यान देना चाहिए कि यह फ्रेश इश्यू मुख्य रूप से नई मशीनरी और वर्किंग कैपिटल के लिए है।

IPO की पूरी जानकारी

प्रिसिजन इंजीनियरिंग फर्म Millworks Technologies अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) 14 जुलाई, 2026 को लॉन्च करने के लिए तैयार है। कंपनी इस पब्लिक इश्यू के जरिए ₹160.34 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है, जो BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होगा। सब्सक्रिप्शन विंडो तीन दिनों के लिए खुली रहेगी और 16 जुलाई, 2026 को बंद हो जाएगी।

निवेश की राशि और लॉट साइज

कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड ₹315 से ₹331 प्रति शेयर तय किया है। इस ऑफर में मौजूदा शेयरधारकों द्वारा शेयर बेचने (Offer for Sale) का कोई हिस्सा नहीं है, यह पूरी तरह से 4.8 मिलियन इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू है। इसका मतलब है कि जुटाई गई सारी रकम सीधे कंपनी के बिजनेस ऑपरेशंस को सपोर्ट करने के लिए इस्तेमाल की जाएगी। जो निवेशक हिस्सा लेना चाहते हैं, उन्हें कम से कम 800 शेयरों का एक लॉट खरीदना होगा। प्राइस बैंड के हिसाब से रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश ₹264,800 होगा। इससे बड़े लॉट 400 शेयरों के मल्टीपल में लिए जा सकते हैं।

ग्रे मार्केट का क्रेज

आधिकारिक लॉन्च से पहले ही, इस स्टॉक ने अनऑफिशियल यानी ग्रे मार्केट में काफी हलचल मचा दी है। मौजूदा अनऑफिशियल ट्रेडिंग डेटा के मुताबिक, शेयर अपर प्राइस बैंड ₹331 के मुकाबले लगभग ₹395 के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। यह लगभग 119% के लिस्टिंग प्रीमियम का संकेत देता है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ग्रे मार्केट की कीमतें अनऑफिशियल होती हैं और इनमें उतार-चढ़ाव आ सकता है। यह स्टॉक एक्सचेंज पर असल लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं देती हैं।

फंड का इस्तेमाल और भविष्य की राह

कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, इस फंड रेजिंग का मुख्य उद्देश्य बिजनेस का विस्तार करना है। यह पैसा नई प्लांट और मशीनरी खरीदने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ेगी। इसके अलावा, कुछ हिस्सा वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए भी यूज किया जाएगा।

निवेशकों के लिए, कंपनी की विस्तार योजनाओं का सफल क्रियान्वयन एक अहम फैक्टर होगा। एक प्रिसिजन इंजीनियरिंग फर्म होने के नाते, यह बिजनेस कैपिटल-इंटेंसिव है और प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने के लिए मशीनरी के कुशल उपयोग पर निर्भर करता है। निवेशक क्षमता विस्तार की प्रगति पर नजर रख सकते हैं और यह देख सकते हैं कि क्या कंपनी लिस्टिंग के बाद मांग में अपनी ग्रोथ बनाए रख पाती है। शेयरों का अलॉटमेंट 17 जुलाई को फाइनल होने की उम्मीद है, जबकि BSE SME प्लेटफॉर्म पर आधिकारिक लिस्टिंग 21 जुलाई, 2026 को निर्धारित है।

Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.