डेयरी कंपनी Milky Mist ने IPO के ज़रिए **₹1,553 करोड़** जुटाने की योजना बनाई है। कंपनी का लक्ष्य इस फंड का इस्तेमाल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने और कर्ज चुकाने के लिए करना है। यह IPO अगस्त की शुरुआत में आ सकता है।
Detailed Coverage
Milky Mist की IPO से बड़ी योजना
Erode, Tamil Nadu की डेयरी कंपनी Milky Mist Dairy Food Ltd भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट होने की तैयारी में है। कंपनी ने अगस्त के पहले हफ्ते में अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लाने का लक्ष्य रखा है। इस IPO के ज़रिए कंपनी ₹1,553 करोड़ जुटाना चाहती है। यह फंड फ्रेश इक्विटी इश्यू और मौजूदा शेयरधारकों के ऑफर फॉर सेल (OFS) का मिक्स होगा। गौरतलब है कि पहले फाइलिंग में ₹2,035 करोड़ जुटाने की बात कही गई थी, लेकिन अब यह लक्ष्य कम कर दिया गया है।
वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर फोकस
Milky Mist का बिजनेस मॉडल लिक्विड मिल्क के बजाय वैल्यू-एडेड डेयरी प्रोडक्ट्स पर आधारित है। कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में पनीर, चीज़, दही, मक्खन, घी और आइसक्रीम जैसे उत्पाद शामिल हैं। यह रणनीति कंपनी को दूसरे बड़े डेयरी प्लेयर्स से अलग करती है, जो ज़्यादातर दूध की बिक्री पर निर्भर रहते हैं।
IPO फंड का इस्तेमाल और विस्तार
IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से दो कामों के लिए किया जाएगा: मौजूदा कर्ज का भुगतान और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का विस्तार। फंड का एक हिस्सा तमिलनाडु के Perundurai प्लांट में व्हे प्रोटीन कॉन्संट्रेट, योगर्ट और क्रीम चीज़ जैसे खास प्रोडक्ट्स के लिए नई प्रोडक्शन लाइन्स लगाने में इस्तेमाल होगा। इसके अलावा, कंपनी अपनी कोल्ड-चेन इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने पर भी खर्च करेगी, जो डेयरी उत्पादों की क्वालिटी बनाए रखने के लिए बेहद ज़रूरी है।
हालिया फंडिंग और वैल्यूएशन
हाल ही में मई में, Milky Mist ने Jongsong Investments (Temasek Holdings की एक सब्सिडियरी) से ₹482 करोड़ का प्री-IPO निवेश हासिल किया था। यह निवेश ₹139.76 प्रति शेयर के भाव पर हुआ था, जिससे कंपनी का वैल्यूएशन लगभग ₹9,300 करोड़ आंका गया था।
सेक्टर में प्रतिस्पर्धा
Milky Mist एक ऐसे सेक्टर में काम करती है जहां Hatsun Agro Product, Dodla Dairy और Parag Milk Foods जैसी स्थापित लिस्टेड कंपनियां मौजूद हैं। कंपनी के वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर फोकस करने की स्ट्रेटेजी उसे प्रतिस्पर्धा में एक अलग पहचान देती है। निवेशकों की नज़रें इस बात पर रहेंगी कि कंपनी बढ़ती लागत, खासकर दूध की खरीद कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच, वैल्यू-एडेड सेगमेंट में अपनी ग्रोथ कैसे बनाए रखती है।
IPO को JM Financial, Axis Capital और IIFL Capital Services मैनेज कर रहे हैं।
